भोपाल एम्स के डॉ. सुखेस मुखर्जी ने कैंसर के इलाज के लिए नई नैनो तकनीक खोजी है। जानें कैसे लाल रोशनी और नैनोकणों के जरिए बिना साइड इफेक्ट के खत्म होगा ट्यूमर।
AIIMS भोपाल अब एलोपैथी और होम्योपैथी के संगम (Integrated Medicine) से सिकल सेल, किडनी स्टोन और डायबिटिक फुट जैसी बीमारियों का स्थायी इलाज खोज रहा है। जानें एम्स की इस नई शोध पहल के बारे में।
मध्य प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि! एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर। अब बिना चीर-फाड़ के हाई-रिजॉल्यूशन स्कैनिंग से होगा पोस्टमॉर्टम। जानें कैसे काम करती है यह तकनीक।
एम्स भोपाल ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग फॉर इनोवेशन (WURI) 2025 में विजनरी लीडरशिप श्रेणी में वैश्विक स्तर पर 34वां स्थान प्राप्त किया। जानें कैसे संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा और नवाचार में अपनी पहचान बनाई।
















