देशभर में महिला सशक्तीकरण का मॉडल बन चुके मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार ऐतिहासिक निर्णय लेने जा रही है। दरअसल, नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक भले ही लोकसभा में गिर गया, पर देशभर में महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस प्रयास शुरू हो गए हैं।
मध्यप्रदेश सरकार ने विंध्य विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों को नामांकित किया है। सरकार ने पिछले चार दिनों से रोज एक-दो निगम, मंडल, विकास प्राधिकरण और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य की नियुक्ति का सिलसिला जारी रखा है। अभी यह प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में लंबित राजनीतिक नियुक्तियों का दौर अब तेजी पकड़ता दिख रहा है। राज्य सरकार ने देर शाम दो अहम निगमों में नई नियुक्तियों के आदेश जारी करते हुए पूर्व सांसद केपी यादव को मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉपोर्रेशन लिमिटेड का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि संजय नगाईच को मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉपोर्रेशन की कमान सौंपी गई है।
मध्य प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती परीक्षा में एक बार फिर बड़ा और राहत भरा बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव से जहां एक ओर पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं दूसरी ओर उम्मीदवारों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि यह बदलाव पहली बार नहीं हो रहा है।
देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में अगले तीन महीनों में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत नए चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति से होगी। मौजूदा सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। सरकार अप्रैल में नए सीडीएस के नाम पर फैसला लेगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने देशभर में अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव का खाका तैयार किया है। इसमें सबसे अहम बदलाव यूपी और उत्तराखंड के संगठनात्मक ढांचे में किया गया है। नई संरचना में उत्तर प्रदेश से जुड़े अहम बदलाव किए गए हैं।
भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में मध्य प्रदेश का कद बढ़ेगा। माना जा रहा है कि इस नए अध्यक्ष की टीम में एमपी का प्रभाव बढ़ना तय है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मिशन-2029 को देखते हुए संगठन की प्रयोगशाला कहे जाने वाले मध्यप्रदेश से कई दिग्गजों को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
देशभर में जनगणना के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। दो चरणों में होने वाली जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा। इसमें मकानों की गिनती की जाएगी। जनगणना का मुख्य एवं दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा जिसमें जनसंख्या की जानकारी ली जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार जहां एक ओर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कवायद में जुटी है। वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों का स्तर दिनों-दिन गिरता जा रहा है। अब व्यवस्था को सुधारने के लिए सत्र 2026-27 से प्रदेश के पांच हजार सरकारी स्कूल बंद करने की तैयारी है।
मध्यप्रदेश के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। खास बात यह है कि इस पहल से शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के भी द्वार खुलेंगे। दरअसल, राजधानी भोपाल अब देश के भविष्य के टेक-एजुकेशन मैप पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। राजधानी के भौंरी क्षेत्र में 3700 एकड़ भूमि पर देश की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी विकसित की जाएगी।






















