मध्यप्रदेश के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। खास बात यह है कि इस पहल से शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के भी द्वार खुलेंगे। दरअसल, राजधानी भोपाल अब देश के भविष्य के टेक-एजुकेशन मैप पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। राजधानी के भौंरी क्षेत्र में 3700 एकड़ भूमि पर देश की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी विकसित की जाएगी।

उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी विकसित की जाएगी।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। खास बात यह है कि इस पहल से शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के भी द्वार खुलेंगे। दरअसल, राजधानी भोपाल अब देश के भविष्य के टेक-एजुकेशन मैप पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। राजधानी के भौंरी क्षेत्र में 3700 एकड़ भूमि पर देश की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी विकसित की जाएगी। यह नहीं, दावा किया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट केवल एक एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एकीकृत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश को देश का बड़ा एआई हब बनाने की दिशा में काम होगा। इस परियोजना के लिए 20 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए एक्सप्रेशन आॅफ इंटरेस्ट दाखिल किए हैं। एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और फरवरी के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय हो जाएगी।
भौंरी में पहले से एजुकेशन इको-सिस्टम
देश के कई राज्य जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र एजुकेशन सिटी की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन भोपाल की नॉलेज-एआई सिटी का कॉन्सेप्ट अलग होगा। भौंरी क्षेत्र में पहले से आईसर भोपाल, निफ्ट, राष्ट्रीय फॉरेंसिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, अटल बिहारी वाजपेयी पॉलिसी रिसर्च सेंटर, एमपी पुलिस अकादमी और शंकर दयाल शर्मा आयुर्वेदिक इंस्टिट्यूट मौजूद हैं। इसी क्लस्टर में ट्रिपल आईटी कैंपस के निर्माण का प्रस्ताव भी है। इन संस्थानों की मौजूदगी से यहां पहले से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार है, जहां एआई, स्पेस टेक, फॉरेंसिक, पब्लिक पॉलिसी, हेल्थ और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में साझा रिसर्च की जा सकेगी।
आईसर को रोडमैप का जिम्मा
नगरीय प्रशासन विभाग, मप्र शासन ने नॉलेज-एआई सिटी के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी आईसर भोपाल को सौंपी है। आईसर ने पिछले वर्ष फरवरी में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन किया था, जिसके बाद इस परियोजना को सभी संस्थानों को साथ लेकर आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी आईसर के डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं।
इसी माह नियुक्त हो जाएगी एजेंसी
भोपाल विकास प्राधिकरण ने जमीन की पहचान के बाद ईओआई प्रक्रिया पूरी कर ली है। पहले यह परियोजना 2000 एकड़ में प्रस्तावित थी, जिसे बढ़ाकर अब 3700 एकड़ कर दिया गया है। लक्ष्य है कि 2026 में नॉलेज-एआई सिटी का काम शुरू हो जाए।


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