मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों, विधायक औ सांसदों को अपनी फाइल की प्रगति के लिए बाबू और अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने मनमानी पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसमें सबके दायित्व को स्पष्ट किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर कोई असमंजस की स्थिति ना रहे।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार प्रशासनिक सर्जरी करने जा रही है। इस बार जिलों से लेकर मंत्रालय तक बदलाव किया जाएगा। वहीं फील्ड में नहीं जाने वाले अफसरों को लूपलाइन में डालने की भी तैयारी है। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो फील्ड में जाकर काम नहीं करेगा, वो जिलों नहीं मंत्रालय में बैठेगा।
जबलपुर के सिविल लाइन स्थित हेड पोस्ट ऑफिस को कोयंबटूर से एक धमकी भरा मेल मिला, जिसमें दोपहर 12:10 बजे ब्लास्ट की चेतावनी दी गई थी। बम स्क्वॉड और पुलिस की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
मध्यप्रदेश में धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन मिल रही धमकियों से पुलिस-प्रशासन के साथ जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में लगातार बम धमकी से जुड़े ईमेल मिलने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
देश में कांग्रेस परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस को उसके पुराने मुख्यालय 24 अकबर रोड स्थित दफ्तर को खाली करने का नोटिस मिला है। एस्टेट विभाग ने पार्टी को 28 मार्च तक परिसर खाली करने के लिए कहा है।
मध्यप्रदेश में अफसरशाही हावी है। जनता तो दूर, जिम्मेदार अफसर कोर्ट के आदेश तक की अनदेखी पर उतारू हैं। लेकिन अब अदालत के आदेश की अनदेखी अफसरों पर भारी पड़ी। कोर्ट ने सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा है ताकि आदेश का पालन किया जा सके।
भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेवा देने वाली महिला अधिकारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सेना में महिलाओं के खिलाफ होने वाले प्रणालीगत भेदभाव को स्वीकार करते हुए अपनी विशेष संवैधानिक शक्तियों (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल किया।
मध्यप्रदेश में बम ब्लास्ट की धमकी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं पुलिस सिर्फ हाथ मलती नजर आ रही है। पिछले एक महीने में राजधानी भोपाल में सैकड़ों पर बम ब्लास्ट की धमकी दी जा चुकी है। लेकिन आज तक एक भी आरोपी नहीं पकड़ा गया है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब नापतोल विभाग के कार्यालय को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी मिली है। हालांकि इससे पहले भी भोपाल के एम्स और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसरो ने वर्ष 2025 की अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा केंद्र सरकार को सौंप दिया है। हर साल की तरह इस बार भी अधिकारियों ने एक जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार अपनी संपत्तियों की जानकारी दी है। इसमें कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट, भूखंड और व्यावसायिक संपत्तियों का विवरण शामिल है।






















