मध्यप्रदेश ने गेहूं खरीदी में सभी राज्यों को पछाड़ दिया है। समर्थन मूल्य पर खरीदी में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह हम नहीं बल्कि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीदी में अपने सभी लक्ष्य हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें ₹1/किलो से नीचे गिरने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अब NAFED और NCCF सीधे किसानों से 10 लाख टन तक प्याज खरीदेंगे और निर्यात पर कोई बैन नहीं लगेगा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
मध्यप्रदेश में गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार के बीच सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त कोटा मांगा है। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन में केंद्र से अनुमति मिल जाएगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज किसान और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली जुड़कर कल से प्रारंभ हो रही गेहूं खरीदी प्रक्रिया पर चर्चा की। सीएम ने कहा प्रदेश में गुरुवार से गेहूं खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर और एसडीएम को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5 लाख टन अधिक है। खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 40 का बोनस भी मिलेगा।



















