मध्य प्रदेश में इस साल मानसून की बेरुखी से राज्य के आधे हिस्से में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका है, जिनमें से 11 जिलों में तो 80 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज की गई है।
देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का दबाव और सामाजिक परिस्थितियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स के हालिया सर्वे में एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।
मध्यप्रदेश में सितंबर महीने के दौरान बैंकिंग सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होने जा रही हैं। हड़ताल और नियमित साप्ताहिक छुट्टियों के कारण राज्य भर में कुल 9 दिन बैंकों में काम नहीं होगा। सरकार 5-डे बैंकिंग की जायज मांग को अनावश्यक रूप से टाल रही है। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए सरकार और बैंक संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली में वार्ता प्रस्तावित है।
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के केंद्र सरकार के फैसले के छह साल बाद, इसरो के कर्मचारी संघों ने इस नीतिगत बदलाव की दिशा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अंतरिक्ष विभाग के तहत काम करने वाले हजारों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 प्रमुख कर्मचारी संघों ने एक संयुक्त मांग पत्र सौंपकर अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो प्रमुख से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
बिजली की भारी मांग और मानसून के कारण आपूर्ति में आई रुकावटों के चलते देशभर के थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का भंडार तय मानक के आधे से भी कम रह गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, 2 सितंबर तक देश के 50 पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक क्रिटिकल यानी गंभीर रूप से कम स्तर पर पहुंच गया है।
देश के स्कूली छात्रों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर एक चिंताजनक खुलासा हुआ है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की फंडिंग से किए गए और प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, देश में हर 5 में से 1 से अधिक (लगभग 20 फीसदी) स्कूली छात्र भविष्य में नशे की लत के जोखिम में हैं।
मध्यप्रदेश में मानसून अब लगभग सक्रिय हो चुका है। इस कारण कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। वहीं मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दावा किया जा रहा है कि अगले 24 घंटे में 4 इंच से ज्यादा बारिश होगी।
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका के बीच राज्य सरकार अलर्ट हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के बाद सरकार ने 24 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली है। सबसे अधिक चिंता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन को लेकर है, जहां सबसे अधिक वर्षा की कमी रहने की आशंका जताई गई है।
एनटीए सरकार की लाख हिदायत के बाद भी एक के बाद एक गलतियां दोहरा रहा है। इससे देशभर में सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। दरअसल, पेपर लीक कांड के बाद नीट की दोबारा परीक्षा रविवार (21 जून) को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में देशभर के 22 लाख छात्र हिस्सा लेंगे।
देश में इस साल मानसून देरी से आएगा। मौसम विभाग ने आज यानी शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।






















