देशभर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और घटती छात्र संख्या के बीच राज्यों के शिक्षा बजट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार अपने कुल बजट का औसतन केवल 13.76 फीसदी ही शिक्षा पर खर्च कर रही है।
डिजिटल इंडिया के दावों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट ने एक कड़वी हकीकत बयां की है। देश के 40 फीसदी जिलों में स्कूलों की डिजिटल लर्निंग फ्लॉप साबित हो रही है। इस बदहाली में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य सबसे आगे हैं, जहां इंटरनेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ खोंखले वादे हैं।
केंद्र सरकार के तमाम दावों के बाद भी देश की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। एम्स जैसे संस्थानों में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे सवाल उठना लाजमी है। दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली स्थित एम्स में इलाज कराने वाले मरीजों को सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।















