डिजिटल इंडिया के दावों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट ने एक कड़वी हकीकत बयां की है। देश के 40 फीसदी जिलों में स्कूलों की डिजिटल लर्निंग फ्लॉप साबित हो रही है। इस बदहाली में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य सबसे आगे हैं, जहां इंटरनेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ खोंखले वादे हैं।

केंद्रीय रिपोर्ट: डिजिटल पढ़ाई में देश के 40 फीसदी जिलों का बंटाधार
मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिले निकले पीछे
मध्य प्रदेश के केवल 3 फीसदी स्कूलों में ही कार्यशील प्रोजेक्टर
भोपाल/नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
डिजिटल इंडिया के दावों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट ने एक कड़वी हकीकत बयां की है। देश के 40 फीसदी जिलों में स्कूलों की डिजिटल लर्निंग फ्लॉप साबित हो रही है। इस बदहाली में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य सबसे आगे हैं, जहां इंटरनेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ खोंखले वादे हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगया जा सकता है कि मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 70 फीसदी बच्चों के हाथ में एक अदद डिजिटल डिवाइस तक नहीं है। वहीं, राज्य के महज तीन फीसदी स्कूलों में प्रोजेक्टर काम कर रहे हैं, जो 15 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत के सामने मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की बेहद शर्मनाक तस्वीर पेश करता है। दरअसल, देश के स्कूलों में भले नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एआइ और कोडिंग जैसी चीजों को पढ़ाने की पहल हो रही है, लेकिन हकीकत यह है कि देश के 784 जिलों में 327 जिले डिजिटल लर्निंग में यानी स्कूलों में बच्चों को डिजिटल तरीके से पढ़ाने में बहुत पीछे हैं।
बिहार और बंगाल भी निकले फिसड्डी
पिछडेÞ राज्यों में बिहार, बंगाल के सभी जिलों के साथ उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 67 जिले व झारखंड के 24 में से 23 जिले शामिल है। कुछ ऐसी ही स्थिति मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर व असम जैसे राज्यों की भी है। जिनके अधिकांश जिले डिजिटल लर्निंग में न्यूनतम 30 प्रतिशत का स्कोर भी हासिल नहीं कर पाए है। यानी पास नहीं हो पाए है।
छह श्रेणियों में कराया गया था सर्वे
डिजिटल लर्निंग को लेकर यह जानकारी देश के सभी 784 जिलों में स्कूली शिक्षा की स्थिति को परखने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आयी है। यह सर्वे छह श्रेणियों में कराया था। इसके लिए 70 मानक निर्धारित किए गए थे। कुल छह सौ अंकों के इस सर्वे में डिजिटल लर्निंग श्रेणी के लिए 50 अंक निर्धारित किए गए थे। वर्ष 2025- 26 की इस रिपोर्ट में डिजिटल लर्निंग की श्रेणी में चंडीगढ़, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेंलगाना, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
लर्निंग आउटकम में अभी भी कमजोर
जिलों में स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति काफी सुधरी है। इसका अंदाजा जिलों को लेकर जारी पीजीआई रिपोर्ट 2025-26 से लगाया जा सकता है, जिसमें कुल 784 जिलों में से 523 जिले अब उत्कर्ष, उत्तम एक, दो व तीन और प्रचेष्टा एक की श्रेणी में पहुंच गए है। वहीं लर्निंग आउटकम में देश के 784 जिलों में से 540 जिले अभी प्रचेष्टा दो व तीन व आकांक्षी-एक श्रेणी में है। यानी लर्निंग आउट कम में 50 प्रतिशत व उससे कम अंक हासिल कर अभी भी कमजोर बने हुए है।

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