न्याय के इतिहास में संवेदनशीलता और मानवीय चेतना की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। दिल्ली की ट्रायल कोर्ट की विशेष जज रजनी रंगा ने 10 साल की यौन शोषण पीड़िता बच्ची के केस में फैसला सुनाने के बाद उसके नाम एक बेहद भावुक और खास पत्र लिखा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि समाज की अंतरात्मा को संतुष्ट करने के लिए ऐसे मामलों में कठोरता सजा जरूरी है। घटना 24 सितंबर 2024 को घटी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जिला कोर्ट में पेश किया। जहां अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई।














