सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनसीईआरटी ने 8वीं की सामाजिक विज्ञान की संशोधित किताब जारी कर दी है। नई किताब में न्यायपालिका से जुड़े कई विवादित हिस्से हटा दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े उदाहरण भी किताब से निकाल दिए गए हैं।
सीजेआई ने कहा- भारत में अदालतों को आम लोगों के लिए आसान, पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। भारत में अब सुविधाएं डिजिटल हो चुकी हैं। जैसे कि मामलों की आनलाइन फाइलिंग और डिजिटल केस मैनेजमेंट।
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिल फिल्म पर बैन लगाने वाली याचिका को खारिज करते हुए न्यायपालिका को लेकर बेहद सख्त और बेबाक टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने इस बात को स्वीकार किया कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार मौजूद है और जजों को पवित्र गाय की तरह नहीं माना जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट एनसीईआरटी क्लास 8 की टेक्स्ट बुक के चैप्टर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर लिए गए स्वत: संज्ञान की सुनवाई जारी है। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जे बागची और जस्टिस पंचोली की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सीजेआई की नाराजगी जताने के बाद एनसीईआरटी ने किताब वापस ले ली है।
सुप्रीम कोर्ट के क्लास 8 की सोशल साइंस टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी में करप्शन के रेफरेंस पर कड़ा संज्ञान लेने के बाद, नेशनल काउंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने कहा कि उसने किताब के डिस्ट्रीब्यूशन पर सख्त रोक लगा दी है और इसे एरर आॅफ जजमेंट बताया है, इसके लिए माफी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की कक्षा आठवीं की किताब में न्यायपालिका पर जोड़ी गई सामग्री पर कड़ा रुख अपनाया है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

















