प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आज नई दिल्ली में होगी। बैठक का विषय 2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास रखा गया है। इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भाग लेंगे।
प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए निरंतर अभिनव और नीतिगत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विदिशा जिले से सफलता की एक ऐसी गौरवशाली गाथा सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के सामने प्रशासनिक सूझबूझ और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मध्य प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग एक हजार 200 करोड़ का पूरक पोषण आहार आंगनबाड़ियों के माध्यम से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती, धात्री माताओं और किशोरियों को दिया जाता है। लेकिन अनियमितता की शिकायतों के कारण शिवराज सरकार ने एमपी एग्रो से यह काम लेकर महिला स्व-सहायता समूहों के महासंघों को सौंपा था।















