मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से विश्व पर्यावरण दिवस पर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा- पेड़-पौधे, नदियां, पर्वत और वन्य जीव हमारे जीवन के आधार हैं। भारतीय परंपरा ने हमें प्रकृति के साथ रहने का मार्ग दिखाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र एवं भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी विश्व पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ दी। नगर निगम द्वारा सुजाबाद डोमरी क्षेत्र के 350 बीघा में विकसित किए जा रहे आधुनिक शहरी वन में 245103 पौधे लगा कर चाइना का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
मध्यप्रदेश के वन विभाग ने 2025 में 96 लाख पौधों की मांग की, जिसमें से 87 लाख पौधे नर्सरियों से उठा लिए गए। लेकिन सवाल यह है कि ये पौधे लगे कहां? जंगल पहले जैसे क्यों नहीं दिख रहे? क्या कागजों पर ही हरियाली लहराई जा रही है?
















