भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। अब देश अपनी नेविगेशन जरूरतों के लिए विदेशी प्रणालियों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेगा। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट ने शुक्रवार रात 11:51 बजे उड़ान भरी।
इसरो के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुए 'भारत के सीसीटीवी' अन्वेषा (EOS-N1) और 14 अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण के दौरान तीसरे चरण (PS3) में खराबी आने से मिशन प्रभावित हुआ।














