सावन के चौथे और अंतिम सोमवार पर देशभर के प्रसिद्ध ज्योतिलिंर्गों और प्रमुख शिव मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भस्म आरती से लेकर देर रात से ही उज्जैन के महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ, ओंकारेश्वर और बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर देशभर के शिवालयों में आस्था और भक्ति का अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा। रिमझिम और तेज बारिश के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। इस बार सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बनने से शिव आराधना का महत्व और बढ़ गया।














