कई देशों पर टैरिफ लगाने को लेकर अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार चर्चा में रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल, सीनेट से पारित एक विधेयक के बाद ट्रंप को नई ताकत मिलने का अनुमान है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके।
अमेरिका ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर कार्रवाई करते हुए भारत सहित 17 देशों से आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने शुक्रवार को 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत 60 देशों पर नए शुल्क की घोषणा की।
अमेरिकी सीनेट में पेश नए बिल से रूस से तेल खरीदने वाले देशों की चिंता बढ़ी है। भारत समेत रूस से कच्चा तेल लेने वाले देशों पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव है। जानें क्या है यह पूरा मामला और भारत पर इसका असर।
अमेरिकी ट्रेड कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की टैरिफ रणनीति को एक और झटका दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि उनके हालिया 10 फीसदी अस्थायी वैश्विक शुल्क 1970 के दशक के एक व्यापार कानून के तहत गलत हैं, लेकिन इन शुल्कों पर रोक केवल दो निजी आयातकों और वाशिंगटन राज्य के लिए लगाई है।
अमेरिका में टैरिफ को लेकर टकराव और तेज हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि यह निर्णय बेहद खराब तरीके से लिखा गया है और अमेरिका के हितों के खिलाफ जाता है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ केस हारने के बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को 'विदेशी एजेंट' करार दिया। भारतीय मूल के वकील नील कात्याल पर 'स्लाइमबॉल्स' जैसी टिप्पणी की और नए 10% टैरिफ का ऐलान किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अपनी टैरिफ नीति से पीछे हटने से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार देकर उसे हटाने का आदेश दिया, लेकिन ट्रंप ने तुरंत 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का एलान कर दिया।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को असंवैधानिक घोषित कर रद्द कर दिया है। भारत पर लगा 18% आयात शुल्क भी अब हटा लिया गया है। जानें इस फैसले का वैश्विक व्यापार पर क्या असर होगा।
भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50 घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी।
संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठा दिन था। पीएम नरेंद्र मोदी भी शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन को संबोधित कर सकते हैं। इससे पहले वाणिज्य मंत्री ने लोकसभा में अमेरिका से टैरिफ डील पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि डील ऐतिहासिक है। भारत के कृषि और खाद्य क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है।



















