यह रिपोर्ट ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित कॉप 30 सम्मेलन में जारी की गई। इसमें कहा गया कि भारत में लगातार बढ़ती बाढ़, चक्रवात, सूखा और भीषण गर्मी जैसी घटनाएं जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर को रेखांकित करती हैं।
चक्रवात मोंथा लगातार कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका असर कई राज्यों में देखा जा रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में चक्रवात से काफी नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई, 42 मवेशी मारे गए और करीब 1.5 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं।
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में तेज बारिश के बाद हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या 23 पहुंच गई है। इनमें 7 बच्चे हैं। कई लोग अब भी लापता हैं। कई घर मलबे में बह गए। दार्जिलिंग और सिक्किम में दो हजार से ज्यादा सैलानी फंस गए हैं। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, कालिम्पोंग, और अलीपुरदुआर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड के चमोली में नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली में बादल फटने के कारण मलबा आने से कई भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही दस लोग लापता हैं और दो को बचा लिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। साथ ही धुर्मा गांव में भी भारी वर्षा के कारण मकानों को नुकसान पहुंचा है।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में मानसून का कहर बरकरार है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि राजस्थान, गुजरात और पंजाब से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के देहरादून और अन्य इलाकों में बादल फटने से भारी तबाही हुई।
देहरादून के सहस्त्रधारा में भारी बारिश के कारण बादल फटने से कई दुकानें बह गईं। जिला प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और बचाव कार्य जारी है। इस हादसे में कई लोग लापता हैं। भारी बारिश को देखते हुए देहरादून में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए ₹1200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। जानें मृतकों के परिजनों, घायलों और अनाथ बच्चों के लिए क्या मदद दी गई है।
देश में बारिश-बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर और गांवों में एक जैसे हालात हो गए हैं। लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। स्कूल-कॉलेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई भी चौपट हो रही है। वहीं किसानों का तो हाल बेहाल है। सभी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इधर, पंजाब के सभी 23 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल और पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने दोनों राज्यों के लिए कुल ₹3100 करोड़ की सहायता की घोषणा की। जानें पीएम के दौरे से जुड़ी हर अहम जानकारी और राहत पैकेज का पूरा विवरण।






















