प्रेम कुमार जैसे ही कुर्सी की ओर बढ़े, नीतीश कुमार दाहिनी ओर खड़े थे और तेजस्वी बाईं ओर से आ रहे थे। प्रेम कुमार बैठने ही वाले थे कि सीएम ने हल्के संकेत के साथ कहा-अरे रुकिए। उनके स्वर में सम्मान के साथ-साथ यह आग्रह भी साफ था कि इस ऐतिहासिक पल में तेजस्वी बराबरी से शामिल रहें।
राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह की सुहागिन महिलाओं की कलश यात्रा के साथ शुरुआत हो गई। यह कलश यात्रा सरयू नदी के संत तुलसी घाट से राम मंदिर तक निकाली गई। इसमें सैकड़ों महिलाएं और वैदिक विद्यार्थी शामिल रहे। इधर, प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में 25 नवंबर को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भव्य ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं।














