सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कम मतदान भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए चुनौती बनेगा या कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम के लिए अवसर? यदि पिछले तीन उपचुनावों का रिकॉर्ड देखा जाए तो तस्वीर काफी दिलचस्प दिखाई देती है।
दतिया के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस को चुनौती देने के लिए शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल जैसे दिग्गजों के क्षेत्रों से भी उम्मीदवार दांव लगाने उतरे हैं। कुछ प्रत्याशी अन्य दलों से तो कुछ निर्दलीय ही मैदान में हैं।














