धारकुंडी आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को भू-समाधि दी गई। यह केवल एक संत की विदाई नहीं, बल्कि करुणा, तप, संयम और मौन साधना से भरे युग का शांत अवसान है।
आध्यात्मिक चेतना के शिखर पुरुष और चित्रकूट स्थित प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम के संस्थापक स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो गए हैं।














