मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों और पुल का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, शौचालय और सुगम मार्ग बनाने के दिए निर्देश।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में बिहार के लोगों ने मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत पूर्ण किया। इस पूजा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। विक्रम सरोवर पर व्रती सूर्योदय से पहले पहुंचे और सूर्य को अर्घ्य दिया। साथ ही संतान की लंबी आयु, परिवार में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।
चार दिन तक चली सूर्य उपासना की परंपरा मंगलवार को सुबह पूरी हो गई। कार्तिक शुक्ल सप्तमी पर आज छठ महापर्व का आखिरी दिन है। भोपाल के 52 घाटों पर सुबह की पहली किरण के साथ श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को दूध, जल और प्रसाद से अर्घ्य अर्पित किया।
सतना में भक्ति, आस्था और शुद्धता के प्रतीक छठ महापर्व की धूम है। संतोषी माता तालाब भक्तों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। सोमवार की शाम व्रती अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगे, जबकि मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगे। सांसद गणेश सिंह ने तैयारियों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के निर्देश दिए हैं।
छठ पूजा 2025 की रौनक भोजपुरी इंडस्ट्री में छाई हुई है। पवन सिंह के नए गाने 'घाट चले मोदी-नीतीश' से लेकर अक्षरा सिंह का 'नहाय-खाय' वीडियो और निरहुआ-आम्रपाली का इमोशनल गीत क्यों हो रहे हैं वायरल, यहां जानें।
जानें आस्था और आत्मसंयम का महापर्व छठ पूजा 2025 कब है। नहाय-खाय से शुरू होने वाले चार दिवसीय इस व्रत का महत्व, 36 घंटे के निर्जला व्रत के नियम और पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की पूरी सूची।
छठ पूजा, जिसे लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश (पूर्वी भाग) और नेपाल के मधेश क्षेत्र में मनाया जाता है
कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (धनतेरस) के शुभ अवसर पर, उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में छह दिवसीय दीपोत्सव का आध्यात्मिक और पारंपरिक रूप से आगाज हो गया है। बाबा महाकाल ने आज सुबह 4 बजे भस्म आरती के लिए भक्तों को दर्शन दिए




















