दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' का चार्टर लॉन्च किया। पाकिस्तान समेत 20+ देशों ने किए हस्ताक्षर। जानें भारत और चीन का रुख और बोर्ड की $1 बिलियन फीस का सच।

दावोस (स्विट्जरलैंड): स्टार समाचार वेब
विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े कूटनीतिक कदम के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) के पहले चार्टर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह निकाय न केवल गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा, बल्कि दुनिया भर के युद्धों और संघर्षों को सुलझाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य करेगा।
इस बोर्ड का विचार ट्रंप की 20-सूत्री गाजा सीजफायर योजना से उपजा है। इसके चार्टर के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप आजीवन इस बोर्ड के अध्यक्ष बने रह सकते हैं, हालांकि वे भविष्य में किसी अन्य अमेरिकी प्रतिनिधि को नामित करने का अधिकार रखते हैं। ट्रंप ने इसे "दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड" बताया है।
इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रुपये) का 'प्राइस टैग' लगाया गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इसमें वे सभी नेता शामिल हैं जिनके पास "काम पूरा करने" की ताकत और प्रभाव है, भले ही वे विवादास्पद क्यों न हों।
समारोह के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई देशों के राष्ट्रपतियों और शीर्ष राजनयिकों ने चार्टर पर हस्ताक्षर किए। अब तक लगभग 35 देश इस पहल में शामिल होने पर सहमत हुए हैं।
प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता: अर्जेंटीना (जेवियर मिलेई), इंडोनेशिया (प्राबोवो सुबियांतो), पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, कतर, तुर्की, हंगरी, उज्बेकिस्तान और इजरायल।
मुस्लिम देशों का रुख: सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की जैसे देशों ने एक संयुक्त बयान में गाजा में स्थायी शांति और 'न्यायपूर्ण समाधान' की वकालत की है।
जहाँ एक तरफ 20 से ज्यादा देशों ने इस पर मुहर लगाई, वहीं कई प्रमुख शक्तियों ने फिलहाल इससे दूरी बना ली है:
भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण के बावजूद भारत ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए।
चीन: चीन ने आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
ब्रिटेन: ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर ने स्पष्ट किया कि रूस की संभावित भागीदारी और कानूनी जटिलताओं के कारण वे इसका हिस्सा नहीं बनेंगे।
यूरोपीय देश: फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन ने चिंता जताई है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) के महत्व को कम कर सकता है और उसके प्रतिस्पर्धी निकाय के रूप में उभर सकता है।
आलोचकों का मानना है कि ट्रंप का यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के कार्यों में हस्तक्षेप करेगा। हालांकि, ट्रंप ने दावोस में कहा कि वे UN के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह बोर्ड UN के उन कार्यों को बदल सकता है जो अब तक प्रभावी साबित नहीं हुए हैं। बोर्ड ऑफ पीस की सफलता अब गाजा में युद्धविराम की स्थिरता और यूक्रेन संकट पर ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है। फिलहाल, व्हाइट हाउस के अनुसार 60 देशों को न्योता दिया गया था, जिनमें से आधे से अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 पर हुए हमले और सूझबूझ से 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार की पूरी घटना की जानकारी पढ़ें।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव: कुनार और हेलमंद में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में नागरिकों की मौत के दावों और दोनों देशों के रुख की पूरी रिपोर्ट।
सीरिया के होम्स प्रांत में काम से लौट रहे कर्मचारियों की बस पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। पढ़ें पूरी घटना और सुरक्षा हालात की रिपोर्ट।
लक्षद्वीप के पास कोस्ट गार्ड और गुजरात एटीएस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में ईरानी नाव से 5 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया। नाव से ₹3000 करोड़ की ड्रग्स बरामद हुई है।
दुबई से तेल अवीव जा रहे एक यात्री विमान को हाईजैक कर लेने की खबर सामने आई है। इस विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया है। इजरायल के Ynet की रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान ने एक इमरजेंसी सिग्नल भेजा।
भारत और अमेरिका के रिश्तों में जमी बर्फ और दोनों देशों के बीच कायम दूरी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। जयशंकर ने अमेरिका के ढुलमूल रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा-यदि कोई मुद्दा (सुरक्षा) हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और हमारा सहयोगी देश हमारी उन चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाता, तो जाहिर तौर पर इससे रिश्तों में तनाव और जटिलता पैदा होगी।
रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का एक नया और खतरनाक दौर शुरू हो गया है। यूक्रेनी सेना ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड ग्राउंड रोबोट्स (आत्मघाती जमीनी रोबोट) का इस्तेमाल कर रूसी ठिकानों पर विनाशकारी हमले का दावा किया है।
ब्रिटेन के ग्लूस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोटक संबंधी अपराधों के शक में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसे 'बड़ी घटना' घोषित कर जांच तेज कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की ओर से दिए गए युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट आफ होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान इस वक्त आर्थिक और सैन्य रूप से भारी दबाव में है। इसी वजह से वह जल्दबाजी में समझौता करना चाहता है।
अमेरिकी नौसेना ने हाल के हफ्तों में ईरान के आसपास के समुद्री इलाकों से अपने बड़े जहाज हटा दिए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से साफ है कि ओमान की खाड़ी और अरब सागर में कोई अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर या डेस्ट्रॉयर मौजूद नहीं है। सितंबर की शुरुआत से ये जहाज वहां से गायब हो गए।