अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह करने की धमकी दी है।

वॉशिंगटन/तेहरान। स्टार समाचार वेब
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत नहीं खोला, तो उसे भारी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में बेहद सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान इस रणनीतिक रास्ते को खोल दे, अन्यथा उसे 'नरक' जैसे हालात भुगतने होंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अमेरिकी सेना के निशाने पर ईरान का बुनियादी ढांचा है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में आने वाला मंगलवार 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' के रूप में याद किया जाएगा। इसका सीधा अर्थ है कि अमेरिका ईरान के बिजली घरों और प्रमुख पुलों को निशाना बनाने की पूरी तैयारी कर चुका है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया या होर्मुज का रास्ता नहीं खोला, तो वहां के ऊर्जा ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
तनाव की शुरुआत केवल धमकियों तक सीमित नहीं है। अमेरिका ने बीते गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान को कराज शहर से जोड़ने वाले नवनिर्मित B1 हाईवे ब्रिज पर हमला कर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। यह पुल मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है, जिसकी ऊंचाई 136 मीटर और लंबाई लगभग 1050 मीटर है। करीब 3,800 करोड़ रुपये ($400 मिलियन) की लागत से बना यह पुल इसी साल शुरू हुआ था, जिसे अब मलबे में तब्दील कर दिया गया है।
दूसरी ओर, ईरान ने झुकने के बजाय कड़ा रुख अपनाया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका की ये धमकियां उसकी 'बेबसी और घबराहट' का प्रतीक हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दबाव में आकर अपनी संप्रभुता और सामरिक फैसलों से पीछे नहीं हटेगा। अब पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार पर टिकी हैं, क्योंकि ट्रंप की समय सीमा समाप्त हो रही है।

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