मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान में एक विशाल हथियार डिपो को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमला किया है।
By: Ajay Tiwari
Mar 31, 202612:41 PM
वार डेस्क। स्टार समाचार वे
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान में एक विशाल हथियार डिपो को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमला किया है। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई सोमवार रात को की गई, जिसमें भूमिगत ठिकानों को भेदने वाले 2000 पाउंड के शक्तिशाली बंकर-बस्टर बमों का उपयोग हुआ।
अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस्फहान स्थित इस डिपो में भारी मात्रा में उन्नत हथियार और सैन्य साजो-सामान जमा था। बंकर-बस्टर बमों के प्रहार से जमीन के नीचे बने सुरक्षित ठिकाने पूरी तरह ध्वस्त हो गए। धमाके इतने जोरदार थे कि आसपास के इलाकों में आग के ऊँचे गुबार देखे गए और कई घंटों तक माध्यमिक विस्फोट (Secondary explosions) होते रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस हमले का वीडियो साझा कर इसकी पुष्टि की है।
इजराइल के हाइफा में आग: लेबनान स्थित हिजबुल्लाह ने इजराइल के औद्योगिक शहर हाइफा पर ईरानी मिसाइलों से हमला किया, जिससे वहां की एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई।
लेबनान में मानवीय संकट: बेरूत और दक्षिणी लेबनान में इजराइली बमबारी जारी है। विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी शिविर बनाए गए हैं, जहाँ हजारों लोग शरण लेने को मजबूर हैं। ताजा हमलों में अब्बा कस्बे में एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
सऊदी अरब की सक्रियता: सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद और पूर्वी प्रांतों की ओर दागी गई 8 बैलिस्टिक मिसाइलों और 10 ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया है।
ईरान में सख्त कार्रवाई: घरेलू स्तर पर ईरान ने सरकारी इमारतों पर हमला करने के दोषियों को फांसी दे दी है। इनका संबंध प्रतिबंधित संगठन PMOI से बताया गया है।
शांतिदूतों पर हमला: इंडोनेशिया ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों (UN Peacekeepers) पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें उनके तीन जवानों की जान चली गई।
यह हमला न केवल ईरान की सैन्य क्षमता को चोट पहुँचाने के लिए किया गया है, बल्कि यह क्षेत्र में अमेरिकी दखल का एक बड़ा संकेत भी है। बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि लक्ष्य अत्यंत सुरक्षित और सामरिक महत्व का था। आने वाले दिनों में ईरान की जवाबी कार्रवाई वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकती है।