कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने वाले एमपी के मंत्री विजय शाह पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। जानें सीएम मोहन यादव की दिल्ली दौड़ और शाह की चौथी माफी का पूरा मामला।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर दिए गए विवादित बयान का मामला अब देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में है। सोमवार को होने वाली इस सुनवाई में कोर्ट तय करेगा कि मंत्री के खिलाफ अभियोजन (Prosecution) की कार्रवाई शुरू की जाए या नहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दिल्ली में सक्रिय हैं। सूत्रों के मुताबिक: मुख्यमंत्री ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर कानूनी और राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा की है। सरकार ने शीर्ष वकीलों से परामर्श लिया है ताकि कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जा सके। सरकार संभवतः जांच के आधार पर कुछ और समय की मांग कर सकती है।
विवाद को शांत करने के लिए मंत्री विजय शाह अब तक चार बार माफी मांग चुके हैं। शनिवार को उन्होंने लिखित बयान पढ़ते हुए कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के "उत्साह और आवेश" में निकले थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य महिला अधिकारियों या भारतीय सेना का अपमान करना नहीं था। शाह ने भविष्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने का संकल्प भी दोहराया है।
पिछले साल 11 मई को महू के रायकुंडा में एक कार्यक्रम के दौरान विजय शाह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कर्नल सोफिया और एक विशेष समुदाय को लेकर बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। उनके इसी बयान ने कानूनी रूप ले लिया है, जिससे अब सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

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