विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान अभी अधूरा है। 56 लाख से अधिक सदस्यों में करीब 3.17 लाख का सत्यापन बाकी है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
By: Yogesh Patel
Mar 07, 20264:27 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए चलाया जा रहा ई-केवाईसी अभियान विंध्य क्षेत्र में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज जिलों में प्रशासन द्वारा अभियान लगभग पूरा होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े ही इन दावों की पोल खोल रहे हैं। इन 6 जिलों में अब भी 3 लाख से ज्यादा राशन हितग्राही ई-केवाईसी से बाहर हैं। विंध्य क्षेत्र के 6 जिलों में कुल 56 लाख 29 हजार 795 राशन सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 53 लाख से अधिक सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा बताया जा रहा है, लेकिन लगभग 3 लाख 17 हजार सदस्य अभी भी सत्यापन से बाहर हैं। इतनी बड़ी संख्या में ई-केवाईसी लंबित रहने से यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर अभियान की रफ्तार जमीन पर उतनी तेज क्यों नहीं दिख रही, जितनी कागजों में दिखाई जा रही है।
रीवा में बेहतर स्थिति, फिर भी हजारों शेष
रीवा जिले में कुल 12 लाख 26 हजार 980 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से 11 लाख 40 हजार 180 का ई-केवाईसी किया जा चुका है। यहां प्रगति 93 प्रतिशत तक पहुंची है, लेकिन इसके बावजूद 56 हजार 192 सदस्य अभी भी प्रक्रिया से बाहर हैं।
सीधी और मैहर में भी हजारों लंबित
सीधी जिले में 10 लाख 43 हजार 983 सदस्यों में से 9 लाख 52 हजार 27 का ई-केवाईसी किया गया है। यहां 91 प्रतिशत प्रगति है, लेकिन 52 हजार 424 सदस्य अभी भी बाकी हैं। मैहर जिले में 6 लाख 11 हजार 125 सदस्यों में से 5 लाख 56 हजार 994 का ई-केवाईसी हुआ है। यहां भी 40 हजार 370 सदस्य अभी सत्यापन का इंतजार कर रहे हैं।
मऊगंज में भी हजारों सदस्य प्रक्रिया से बाहर
नए जिले मऊगंज में कुल 5 लाख 46 हजार 644 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से 4 लाख 90 हजार 325 का ई-केवाईसी पूरा बताया गया है, लेकिन 37 हजार 170 सदस्य अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं।
सिंगरौली में सबसे ज्यादा लंबित मामले
विंध्य क्षेत्र में सबसे चिंताजनक स्थिति सिंगरौली जिले की सामने आई है। यहां कुल 10 लाख 86 हजार 248 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से 9 लाख 67 हजार 742 का ही ई-केवाईसी हो पाया है। जिले में प्रगति 89 प्रतिशत पर अटकी हुई है और 72 हजार 336 सदस्य अब भी सत्यापन से बाहर हैं।
सतना में भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं
सतना जिले में कुल 11 लाख 14 हजार 815 सदस्य दर्ज हैं। इनमें से 10 लाख 25 हजार 940 का ई-केवाईसी पूरा हुआ है। यहां 92 प्रतिशत प्रगति बताई जा रही है, लेकिन 58 हजार 892 हितग्राही अभी भी सत्यापन से दूर हैं।
ई-केवाईसी की स्थिति
जिला प्रतिशत
फैक्ट फाइल