विश्व सांख्यिकी दिवस हर पाँच साल में 20 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन हमारे जीवन में आधिकारिक सांख्यिकी के महत्व पर प्रकाश डालता है, जो विश्वसनीय डेटा के माध्यम से सतत विकास और सूचित निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दिवस का उद्देश्य डेटा क्रांति के इस दौर में सांख्यिकीय प्रणाली के योगदान को पहचानना है।

स्टार समाचार वेब. फीचर डेस्क
20 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व सांख्यिकी दिवस (World Statistics Day), हर पाँच साल में एक बार आने वाला एक वैश्विक अवसर है, जो हमारे जीवन और दुनिया को आकार देने में आधिकारिक सांख्यिकी के अपरिहार्य महत्व को रेखांकित करता है। यह दिवस सांख्यिकीय प्रणालियों के मूलभूत मूल्यों—विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सटीकता—को बढ़ावा देने का एक मंच है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2010 में एक प्रस्ताव पारित कर 20 अक्टूबर 2010 को पहला विश्व सांख्यिकी दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग के मार्गदर्शन में लिया गया था। इस दिवस को हर पाँच साल में मनाने का मुख्य उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास के लिए आधिकारिक आंकड़ों के योगदान को वैश्विक स्तर पर स्वीकार करना और उसका जश्न मनाना है। यह दिन दुनिया भर के सांख्यिकीविदों और डेटा उत्पादकों के प्रयासों को मान्यता देता है।
सांख्यिकी केवल जटिल संख्याएँ नहीं हैं; वे किसी भी राष्ट्र के विकास की राह निर्धारित करने वाले प्रमाण-आधारित निर्णय लेने (Evidence-Based Decision Making) की नींव हैं।
सूचित नीति निर्माण: सांख्यिकी सरकारों को गरीबी, बेरोजगारी, स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतें और शिक्षा के स्तर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सटीक जानकारी प्रदान करती है। यह डेटा मजबूत और प्रभावी नीतियां बनाने में मदद करता है जो संसाधनों का कुशल आवंटन सुनिश्चित करती हैं।
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की निगरानी: संयुक्त राष्ट्र के 2030 एजेंडा के तहत निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals - SDGs) की प्रगति को ट्रैक करने के लिए विश्वसनीय सांख्यिकी अत्यंत आवश्यक है। डेटा के माध्यम से ही पता चलता है कि कौन से लक्ष्य प्राप्त हो रहे हैं और किन क्षेत्रों में तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही: आधिकारिक सांख्यिकी शासन में पारदर्शिता लाती है। जब जनता के पास विश्वसनीय डेटा होता है, तो वे अपनी सरकारों को उनके प्रदर्शन के लिए जवाबदेह ठहरा सकते हैं, जिससे लोकतंत्र मजबूत होता है।
डेटा क्रांति में योगदान: आज के डेटा क्रांति (Data Revolution) के युग में, सांख्यिकी विज्ञान बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह दिवस सांख्यिकीय प्रणालियों को आधुनिक बनाने और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
प्रत्येक विश्व सांख्यिकी दिवस एक विशिष्ट थीम (विषय-वस्तु) पर केंद्रित होता है, जो उस समय की वैश्विक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 2020 में यह दिवस 'Connecting the world with data we can trust' (विश्व को उस डेटा से जोड़ना जिस पर हम भरोसा कर सकें) की थीम पर मनाया गया था। यह थीम वैश्विक डेटा की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता के महत्व पर जोर देती है।
विश्व सांख्यिकी दिवस दुनिया को यह याद दिलाता है कि डेटा की शक्ति कितनी विशाल है। यह सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, शिक्षाविदों, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र को एक साथ आने और उच्च-गुणवत्ता, सुलभ और समय पर सांख्यिकी के उत्पादन और उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का आह्वान करता है। एक बेहतर, अधिक टिकाऊ और समतामूलक भविष्य बनाने के लिए, हमें सांख्यिकी पर भरोसा करना होगा और डेटा को अपनी प्रगति का इंजन बनाना होगा।

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