उद्योगपति और रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आज यानी गुरुवार को अनिल अंबानी दिल्ली स्थित ईडी के मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा किए गए बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपना बयान दर्ज कराया।
By: Arvind Mishra
Feb 26, 202612:34 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
उद्योगपति और रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आज यानी गुरुवार को अनिल अंबानी दिल्ली स्थित ईडी के मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा किए गए बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपना बयान दर्ज कराया। अंबानी सुबह 11 बजे केंद्रीय जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे। ईडी की स्पेशल टास्क फोर्स ने उनसे पूछताछ की। यह पूछताछ प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। अनिल अंबानी की यह पेशी उस बड़ी कार्रवाई के ठीक बाद हुई है, जिसमें ईडी ने मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल स्थित उनके आलीशान निजी आवास अबोड को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 3,716.83 करोड़ है। इससे पहले भी इस संपत्ति के एक हिस्से को कुर्क किया गया था, लेकिन अब पूरी इमारत जांच एजेंसी के घेरे में है।
पहले भी हो चुकी कुर्की
इस ताजा कार्रवाई के साथ ही, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ के पार पहुंच गया है। पिछले साल भी एजेंसी ने नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी की 132 एकड़ जमीन कुर्क की थी, जिसकी कीमत 4,462 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई थी।
एक नजर में पूरा मामला
यह पूरा मामला सीबीआई द्वारा दर्ज की गई उस एफआईआर पर आधारित है, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और अन्य पर आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और धोखाधड़ी (420) के आरोप लगाए गए हैं। आरसीओएम और उसकी सहयोगी कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से भारी-भरकम कर्ज लिया था। वर्तमान में समूह पर बैंकों का कुल बकाया 40,185 करोड़ है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल उसी काम के लिए नहीं किया गया जिसके लिए कर्ज लिया गया था। इसके बजाय, फंड को अन्य समूह कंपनियों के कर्ज चुकाने, संबंधित पक्षों को ट्रांसफर करने या म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए डाइवर्ट किया गया।
एसबीआई ने घोषित किया फ्रॉड
संसद में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पुष्टि की थी कि भारतीय स्टेट बैंक ने आरबीआई के दिशा निर्देशों के अनुसार रिलायंस कम्युनिकेशंस और इसके प्रमोटर अनिल अंबानी के खातों को फ्रॉड के रूप में वगीर्कृत किया है। यही नहीं, केनरा बैंक ने भी आरोप लगाया है कि आरसीओएम ने उनके साथ 1,050 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की है। कुल मिलाकर पांच बड़े बैंकों ने समूह के खातों को संदिग्ध माना है।