मौसम विभाग ने सोलन, शिमला व सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। 17-18 जुलाई को भी प्रदेश में कई स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका जताई गई है।


भोपाल/शिमला। स्टार समाचार वेब
मौसम विभाग ने सोलन, शिमला व सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। 17-18 जुलाई को भी प्रदेश में कई स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। प्रदेश में 20 जून से लेकर अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है। 57 बारिश से संबंधित घटनाओं में और 41 सड़क दुर्घटनाओं में 178 घायल हुए हैं, जबकि 34 लापता हैं। राज्य में 31 अचानक बाढ़, 22 बादल फटने और 18 भूस्खलन हुए हैं। हजारों मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। 662 मकानों, 188 दुकानों और 798 पशुशालाओं को नुकसान हुआ है। प्रदेश में 745 पानी की योजनाएं बंद हैं, जिसमें कांगड़ा में 612, मंडी में 133 योजनाएं प्रभावित हैं। प्रदेश में 192 सड़कें बंद हैं और 65 ट्रांसफार्मर खराब हैं। इधर, मध्यप्रदेश में कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं।

प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103 प्रतिशत तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75 प्रतिशत तक फुल हो गया है। 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा।
मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया।

मप्र के चारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में यहां करीब 45 इंच पानी बरसा था जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है।
उज्जैन में पूरे जुलाई महीने में 36 इंच बारिश का ओवरआॅल रिकॉर्ड है। इतनी बारिश साल 2015 में हुई थी। 2023 में 21 इंच से ज्यादा पानी गिर गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 19 जुलाई 2015 को 12.55 इंच हुई थी। उज्जैन में जुलाई की औसत बारिश 13 इंच है। महीने में 12 दिन पानी बरसता है।


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