तन्वी ने देश की लड़कियों को संदेश दिया है कि वे अपनी राह खुद चुनें और किसी भी मुश्किल के आगे घुटने न टेकें। उन्होंने कहा-अक्सर लड़कियों को आगे बढ़ने से रोका जाता है, लेकिन अगर इरादा मजबूत हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

जब साथ देने वाला कोई नहीं था, तब उनकी मां हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहीं।
अगस्त में संभालेंगी कमान,कहा- बेटियां किसी से कम नहीं
कई विकल्प होने के बाद भी मर्चेंट नेवी का ही रास्ता चुना
घर वालों की डांट और मुश्किलों का सामना करना पड़ा
श्रीनगर। स्टार समाचार वेब
जब इरादे फौलादी हों और खुद पर भरोसा हो, तो रूढ़ियों की दीवारें खुद-ब-खुद ढह जाती हैं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी की 18 वर्षीय तन्वी शर्मा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। 12वीं में पीसीएमबी जैसे कठिन विषयों की छात्रा रहीं तन्वी के सामने नीट और जेईई जैसे पारंपरिक और सुरक्षित करियर के विकल्प खुले थे, लेकिन उन्होंने लहरों पर राज करने का अनूठा रास्ता चुना। महज एक महीने की कड़ी सेल्फ-स्टडी के दम पर मर्चेंट नेवी की परीक्षा पास कर तन्वी ने न सिर्फ इतिहास रचा है, बल्कि देश की करोड़ों लड़कियों को अपनी रुचि का आसमान चुनने का हौसला भी दिया है। तन्वी ने देश की लड़कियों को संदेश दिया है कि वे अपनी राह खुद चुनें और किसी भी मुश्किल के आगे घुटने न टेकें। उन्होंने कहा-अक्सर लड़कियों को आगे बढ़ने से रोका जाता है, लेकिन अगर इरादा मजबूत हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
अगस्त में तन्वी जॉइन करेंगी
तन्वी ने बताय कि 12वीं के बाद उनके सामने मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे कई रास्ते खुले थे, लेकिन वह ऐसा करियर चुनना चाहती थीं, जिसे देखकर आने वाली पीढ़ियां प्रेरित हों। उनका कहना है कि वह अपने राज्य, स्कूल और परिवार का नाम रोशन करना चाहती थीं। तन्वी ने मर्चेंट नेवी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पूरी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण के लिए टीएस चाणक्य से जुड़े संस्थान में दाखिला लिया। अब उनका चयन लॉरेल शिप मैनेजमेंट कंपनी में हो चुका है और अगस्त में वह जॉइन करेंगी।
किसी कोचिंग का नहीं लिया सहारा
तन्वी के मुताबिक, उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। 12वीं के बाद उन्होंने खुद को सिर्फ एक महीने का समय दिया और सेल्फ-स्टडी के जरिए तैयारी की। उन्होंने बताया कि परीक्षा का सिलेबस मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं के विषयों पर आधारित था।
कई शहरों के लगाने पड़े चक्कर
तन्वी के लिए यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार के कई लोग इस फैसले के खिलाफ थे। परीक्षा देने के लिए उन्हें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और गोवा जैसे शहरों तक जाना पड़ा। कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि हर क्षेत्र में चुनौतियां आती हैं और जो उनसे लड़कर आगे बढ़ता है, वही असली विजेता बनता है।
अगर लक्ष्य है, तो उसके लिए लड़ना पड़ेगा
तन्वी अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी मां को देती हैं। जब साथ देने वाला कोई नहीं था, तब उनकी मां हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहीं। वह उन्हें अलग-अलग शहरों में परीक्षा दिलाने ले गईं और लगातार उनका हौसला बढ़ाती रहीं। केवल किताबों से सफलता नहीं मिलती। इसके लिए खुद के भीतर जुनून और मेहनत करने का जज्बा होना जरूरी है। अगर लक्ष्य है, तो उसके लिए लड़ना पड़ेगा। कभी-कभी नींद और आराम भी छोड़ना पड़ता है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
दिल्ली विश्वविद्यालय ने देश के शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। प्रो. योगेश सिंह ने लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए डीयू के कुलपति की कमान संभाल ली है। यह कोई आम री-अपॉइंटमेंट नहीं है। असल में यह 77 साल पुराना इतिहास बदलने वाला फैसला बताया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के आयुष कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों (BAMS, BHMS, BUMS, BNYS) में प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। संचालनालय आयुष, मध्य प्रदेश ने राज्य कोटा की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए आनलाइन काउंसलिंग के तृतीय चरण का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है।
इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश लेने के लिए जल्द ही एनटीए की ओर से जेईई मेन-2026 के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। जो अभ्यर्थी JEE Main Admission 2027 के लिए अप्लाई करना चाहते हैं। वे एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
भारतीय सशस्त्र बल अग्निवीरों के पहले बैच का कार्यकाल पूरा होने के बाद समीक्षा करेंगे। 25 प्रतिशत रिटेंशन दर और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या है नई अपडेट, जानें विस्तार से।
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने MP Police Constable Driver Recruitment 2026 की नियम पुस्तिका जारी कर दी है। 1000 पदों के लिए 15 अक्टूबर से आवेदन शुरू होंगे। जानें योग्यता, आयु, वेतनमान और परीक्षा की पूरी जानकारी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने IPS अधिकारियों के लिए जनरेटिव AI, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिए हैं। iGOT Karmayogi पोर्टल पर इनके प्रदर्शन को वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) से जोड़ा जाएगा।
आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई के बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संस्थान प्रबंधन नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस सप्ताह होने वाली आपातकालीन सीनेट बैठक में इस ड्राफ्ट पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कल तक जो दीवारें बेटियों की राह रोकती थीं, आज वहीं से उनके सफलता के नए रास्ते निकल रहे हैं। देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों यानी आईआईटी में बेटियों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए नया इतिहास रच दिया है।
मध्य प्रदेश समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू! जल संसाधन और PHE विभाग में संविदाकर्मियों को मिला 50% आरक्षण। 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक करें आवेदन। जानिए पूरी डिटेल।
देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का दबाव और सामाजिक परिस्थितियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स के हालिया सर्वे में एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।