भारत सरकार ने देश की सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए दो अहम नियुक्तियों का एलान किया है। केंद्र ने आज एनएस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वह अनिल चौहान की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है।

सेना में बड़ा बदलाव, दो महत्वपूर्ण नियुक्तियों का एलान
सुब्रमणि 30 और स्वामीनाथन 31 मई को संभालेंगे पद
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारत सरकार ने देश की सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए दो अहम नियुक्तियों का एलान किया है। केंद्र ने आज एनएस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वह अनिल चौहान की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है। यह नियुक्ति देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में एक बड़े बदलाव का संकेत है। लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि पदभार ग्रहण करने की तारीख से सैन्य मामलों के विभाग में भारत सरकार के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। वहीं वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का नया प्रमुख बनाया गया है।
30 मई को पद संभालेंगे सुब्रमणि
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि 30 मई को जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए सीडीएस का पद संभालेंगे। इसके साथ ही वह सैन्य मामलों के विभाग यानी डिपार्टमेंट आफ मिलिट्री अफेयर्स के सचिव की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। सीडीएस का पद भारत की तीनों सेनाओं, थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए बनाया गया था।
चार दशक लंबा सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि करीब चार दशक लंबे सैन्य अनुभव वाले बेहद सम्मानित अधिकारी रहे हैं। उन्हें पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम और वीएसएम जैसे कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। वह सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले वह सेना के वाइस चीफ और सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी भी रह चुके हैं। उन्होंने पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर कई अहम सैन्य जिम्मेदारियां संभाली हैं।
स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख
इधर, सरकार ने नए नौसेना प्रमुख के तौर पर वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की नियुक्ति की है। वह 31 मई को भारतीय नौसेना के नए चीफ आफ नेवल स्टाफ (सीएनएस) का पद संभालेंगे। अभी वह मुंबई में वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख के रूप में तैनात हैं। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा। नौसेना में लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई जिम्मेदारियां संभाली हैं।
नौसेना के अनुभवी अधिकारी स्वामीनाथन
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भारतीय नौसेना के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्हें 1 जुलाई 1987 को नौसेना में कमीशन मिला था। वह कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ हैं। वह मुंबई स्थित वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती सैन्य शिक्षा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से प्राप्त की। इसके अलावा उन्होंने ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज आॅफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के यूएस नेवल वॉर कॉलेज में भी प्रशिक्षण लिया है। उनकी अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और अनुभव को भारतीय नौसेना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह भी पढ़िए...
भारत रक्षा नेतृत्व में होगा बदलाव: अब बदलेंगे सेना-नौसेना प्रमुख और सीडीएस
सीडीएस ने कहा-सेना के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों सीखना आवश्यक


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
बिहार के जमुई, समस्तीपुर और बांका से लेकर दिल्ली के कालकाजी और ओडिशा के धेनकनाल तक—देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई यौन हिंसा की जघन्य घटनाओं ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश है।
उत्तरप्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आज सुबह तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार तीन लोग डिवाइडर के ऊपर से उछलकर एक्सप्रेसवे की जाली पार करते हुए आरओडब्ल्यू क्षेत्र में पत्थरों पर जा गिरे।
अर्नब चक्रवात के प्रभाव से देश के उत्तर और मध्य राज्यों में भारी तबाही का मंजर है। उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तंत्र अब दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के न्यूयॉर्क में दिए भाषण का भारत ने करारा जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को आईना दिखाया है। संयुक्त राष्ट्र में पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा, आज दोपहर, जनरल असेंबली ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम के गबन मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और भारी नकदी बरामदगी का खुलासा हुआ है।
इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने आईआईटी दिल्ली के कार्यक्रम में भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की रूपरेखा साझा की है। गगनयान, चंद्रयान-4, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (2028) और 2040 तक चांद पर मानव भेजने से जुड़ी पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
बीजेपी के पूर्व सांसद हरनाथ सिंह यादव ने SC/ST कानून के दुरुपयोग को रोकने और OBC-General के सम्मान की बात कही है। साथ ही उन्होंने आरक्षित वर्गों में क्रीमी लेयर को बाहर करने की मांग उठाई है।
दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत पर रिहा कर दिया है। जानें क्या है पूरा मामला और क्यों नहीं लगा UAPA
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी का देशव्यापी प्रदर्शन। बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में SIR को लेकर याचिकाएं दायर। जानिए इस विवाद से जुड़े सभी ताजा अपडेट्स।
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत में हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की जनहित याचिका खारिज कर दी है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे बदलाव चरणबद्ध तरीके से होते हैं।