मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकर ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कोई रियायत नहीं दी जाएगी। जो दोषी होगा उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस भी मुद्दे को धार देने में जुट गई है।

मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
कटनी। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकर ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कोई रियायत नहीं दी जाएगी। जो दोषी होगा उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस भी मुद्दे को धार देने में जुट गई है। दरअसल, जबलपुर में विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी खनन कंपनियों पर ओवर माइनिंग के आरोपों के बीच प्रशासन ने 443 करोड़ रुपए की वसूली के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस आनंद माइनिंग कॉपोर्रेशन ग्राम टिकरिया, नीलिमा मिनरल्स ग्राम दुबियारा, नीलिमा मिनरल्स ग्राम अगरिया और पैसिफिक एक्सपोर्ट ग्राम झिठी को भेजा गया है। जिन पर स्वीकृत सीमा से कई गुना अधिक लौह अयस्क उत्खनन का आरोप है। ये मामला गंभीर इसलिए है, क्योंकि खुद सीएम डॉ. मोहन यादव विधानसभा में इस जुर्माने की पुष्टि कर चुके हैं, जिससे राजनीतिक और खनन कारोबार दोनों में हलचल मची हुई है।
467 पेज की विस्तृत रिपोर्ट
विभाग ने 467 पेज की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है, जिसमें सैटेलाइट इमेज, डीजीपीएस मैपिंग और डिस्पैच रजिस्टर की जांच में बड़े पैमाने पर उत्खनन विसंगतियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार अनुमत क्षेत्र की तुलना में आठ से दस गुना अधिक उत्खनन किया गया। इसी आधार पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर 10 नवंबर को अंतिम नोटिस जारी किया गया। विधायक संजय पाठक की कंपनियों ने जवाब में गणना के आधार पत्र मांगे थे, जो विभाग ने उपलब्ध करा दिए हैं।
नहीं मिला जवाब तो शुरू होगी कुर्की
अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा, लेकिन यदि तय समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। माइनिंग विभाग जल्द ही आरआरसी जारी करने की भी तैयारी में है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पाई गई अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भाजपा विधायक ने साधी चुप्पी
भाजपा विधायक संजय पाठक ने अब तक इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं। सरकार द्वारा अपने ही पार्टी विधायक के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई करने से यह मामला और भी सुर्खियों में है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे की कार्रवाई कितनी तेजी और निष्पक्षता से करता है। यह मामला न सिर्फ राजनीतिक वाद-विवाद का केंद्र बना हुआ है, बल्कि प्रदेश में खनन गतिविधियों की निगरानी और नियमन पर भी नए सवाल खड़े कर रहा है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में आया जवाब
विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों से 443 करोड़ रुपए की वसूली के मामले को लेकर विधानसभा में सीएम डॉ. मोहन यादव ने जवाब दिया है। कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के सवाल पर खनिज विभाग ने विधानसभा में पूछे गए प्रश्न क्रमांक 685 के उत्तर में जबलपुर जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और राजस्व के नुकसान के मामले पर जवाब दिया। खनिज साधन विभाग ने स्वीकार किया है कि जबलपुर जिले की चार कंपनियों द्वारा निर्धारित स्वीकृति सीमा से अधिक रेत का उत्खनन किया गया। खनिज विभाग ने बताया कि कलेक्टर द्वारा गठित दल एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर इन कंपनियों पर कुल 4,43,04,86,890 की वसूली निर्धारित की गई है।


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