मध्य प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में पहले एल्डरमैनों के नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई। आज यानी गुरुवार को देर शाम या कल नियुक्ति आदेश जारी करने की तैयारी है। तय किया गया है कि पहले नियुक्त आदेश जारी होंगे और इसके बाद पुलिस सत्यापन किया जाएगा।

नगरीय निकायों में पहले एल्डरमैनों के नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में पहले एल्डरमैनों के नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई। आज यानी गुरुवार को देर शाम या कल नियुक्ति आदेश जारी करने की तैयारी है। तय किया गया है कि पहले नियुक्त आदेश जारी होंगे और इसके बाद पुलिस सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए कार्योत्तर अनुमोदन बाद में ले लिया जाएगा। राज्य सरकार ने एल्डरमैन के 1800 नामों की फाइनल सूची पर मुहर लगा दी है। इनमें ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी गई है, जो नगरीय निकायों में प्रशासनिक और नगर पालिका व नगर पालिका अधिनियम के जानकार हैं। पार्टी संगठन ने विधायकों से नाम मांगे थे।
नियुक्ति का फॉर्मूला तय
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े नगर निगमों में आठ से दस एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। जबकि नगर पालिकाओं में छह-छह और नगर परिषदों में चार-चार एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इस तरह 16 नगर निगमों, 99 नगर पालिकाओं और 298 नगर परिषदों में 1800 से अधिक एल्डरमैनों की नियुक्ति का फॉर्मूला तय किया गया है।
इंतजार की घड़ियां खत्म
मोहन सरकार बनने के बाद से ही भाजपा नेताओं को नियुक्ति का इंतजार था। इसमें अन्य दलों से आए नेताओं को समायोजित किया जाएगा। वर्ष 2027 में नगरीय निकाय चुनाव होना है ऐसे में एल्डरमैनों को सवा डेढ़ साल का समय मिलेगा।
मतदान का नहीं अधिकार
नगरीय निकायों में प्रशासनिक और नगर पालिका व नगर पालिका अधिनियम के जानकारों को एल्डरमैन के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान है। एल्डरमैन परिषद की बैठकों और चर्चाओं में भाग ले सकते हैं, लेकिन उनके पास परिषद में मत का अधिकार नहीं होता है। आमतौर पर क्षेत्र के सक्रिय पार्टी कार्यकर्ताओं को एल्डरमैन नियुक्त करने के लिए संगठन की ओर से नाम प्रस्तावित किए जाते हैं।


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