भारतीय रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फैसले की जानकारी देते हुए आम जनता और लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है।

रेपो रेट को बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया गया

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फैसले की जानकारी देते हुए आम जनता और लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25 फीसदी) का इजाफा करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया है। लगभग चार साल (3.5 साल से अधिक) के अंतराल के बाद ब्याज दरों में यह पहली बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जिससे आम ग्राहकों की मासिक ईएमआई का बोझ बढ़ेगा।
इसलिए बढ़ाना पड़ा रेपो रेट
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन की शुरुआत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल का जिक्र करते हुए की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, ऊर्जा कीमतों और खाद्य पदार्थों के दामों में तेजी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता और महंगाई के खतरे को देखते हुए एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया है।
मौद्रिक नीति का रुख बदला
रेपो दर बढ़ाने के साथ ही रिजर्व बैंक ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी के रुख में भी बड़ा बदलाव किया है। इसे पिछले न्यूट्रल रुख से बदलकर कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि केंद्रीय बैंक का पूरा ध्यान महंगाई को नियंत्रित करने पर है और निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना काफी कम है।
अन्य प्रमुख दरें
रेपो रेट: 5.25% से बढ़कर 5.50 फीसदी
एसडीएफ रेट: 0.25% बढ़कर 5.25 प्रतिशत
एमएसएफ रेट: बढ़कर 5.75 प्रतिशत
महंगाई दर के अनुमान में बढ़ोतरी
कच्चे तेल में तेजी, कमजोर रबी सीजन और अल-नीनो के संभावित असर को देखते हुए रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए महंगाई के अनुमान बढ़ा दिए हैं। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 5.0% से बढ़ाकर 5.2% की गई है। वहीं कोर इन्फ्लेशन को 4.3% से बढ़ाकर 4.4% किया गया।
जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ा
महंगाई की चुनौतियों के बावजूद रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है और विकास दर के अनुमानों में बढ़ोतरी की है। वित्त वर्ष 27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.7% से बढ़ाकर 7.1% किया गया। दूसरी तिमाही 6.4% से बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दी गई है। तीसरी तिमाही 6.5% से बढ़ाकर 6.9% प्रतिशत की गई है और चौथी तिमाही 6.8% यानी यथावत रखी गई है।
नए और मौजूदा लोन होंगे महंगे
रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर कमर्शियल बैंक रिजर्व बैंक से कम अवधि के लिए कर्ज लेते हैं। रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी से बैंकों के लिए फंड जुटाना महंगा हो जाएगा। बैंक इस बढ़े हुए खर्च का बोझ अपने ग्राहकों पर डालेंगे, जिसके चलते होम लोन, आटो लोन और कंज्यूमर लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी। लोन की अवधि या तो लंबी हो जाएगी या मासिक ईएमआई की राशि बढ़ जाएगी। ब्याज दरें ऊंची होने से बाजार में नकदी का प्रवाह नियंत्रित होगा, जिससे लोग खर्च कम करेंगे और महंगाई पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।


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सुस्त शुरुआत की आशंका के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 72,563 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 22,550 के ऊपर बना रहा। बैंकिंग और कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार की शुरुआती चाल को सहारा दिया।
भारतीय शेयर बाजार में आज लंबे समय के बाद अच्छी तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 355.14 अंक बढ़कर 72,264.84 के स्तर पर पहुंच गया। इसमें 0.49 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 101.00 अंक बढ़ा।
जीएसटी काउंसिल सात अक्टूबर को होने वाली अपनी बैठक में देश के इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़े सुधारों को मंजूरी दे सकती है। सितंबर 2025 में हुए रेट रेशनलाइजेशन (जीएसटी दरों में बदलाव) के बाद सरकार अब नेक्स्ट-जनरेशन जीएसटी के तहत टैक्स प्रशासन को आसान बनाने और कारोबारियों को राहत देने पर काम कर रही है।
भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। तत्काल प्रभाव से पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण किया गया है।
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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
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