खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के केस में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को जेल की सजा सुनाई गई। निखिल ने अमेरिका के न्यूयॉर्क की कोर्ट में गुनाह कबूल कर लिया है। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। अमेरिकी जांच एजेंसी ने एक्स पर पोस्ट कर निखिल के अपराध कबूलने की जानकारी दी।

साजिश रचने के केस में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को जेल की सजा सुनाई गई।
न्यूयॉर्क। स्टार समाचार वेब
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के केस में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को जेल की सजा सुनाई गई। निखिल ने अमेरिका के न्यूयॉर्क की कोर्ट में गुनाह कबूल कर लिया है। 29 मई को सजा का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। अमेरिकी जांच एजेंसी ने एक्स पर पोस्ट कर निखिल के अपराध कबूलने की जानकारी दी। दरअसल, आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को अमेरिका में 24 साल जेल की सजा सुनाई गई है। निखिल गुप्ता को दोषी ठहराया गया है और उसे 24 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई है। मामले में एफबीआई ने बताया कि यह मामला दिखाता है कि वे विदेशी नागरिकों द्वारा अमेरिका में नागरिकों को धमकाने या नुकसान पहुंचाने के प्रयासों के खिलाफ लगातार सतर्क हैं।
कानून ने समय रहते इसे रोका
एफबीआई का कहना है कि निखिल गुप्ता ने हत्या के लिए पैसे देने, हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने की पूरी जिम्मेदारी मानी है। उनका दोष संयुक्त राज्य की अदालत में स्वीकार किया गया। वहीं एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोजहावस्की ने कहा कि अमेरिकी नागरिक को सिर्फ स्वतंत्रता से अपनी राय रखने के कारण निशाना बनाया गया था, लेकिन कानून ने समय रहते इसे रोका।
अमेरिकी अधिकारियों ने फेल की साजिश
इस मामले में अमेरिका की न्याय विभाग ने बताया कि निखिल गुप्ता को एक भारतीय सरकारी कर्मचारी (जिसका नाम मामले में नहीं बताया गया) ने भर्ती किया था ताकि पन्नून की हत्या के लिए हिटमैन की व्यवस्था की जा सके। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने साजिश को फेल कर दिया। इसके अलावा, भारत की विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि अब निखिल गुप्ता भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है।
कौन है गुरपतंत सिंह पन्नू
गौरतलब है कि गुरुपतवंत सिंह पन्नूं भारत द्वारा आतंकवादी घोषित हैं और इसके पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता भी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे किसी भी मामले में जो अमेरिका में नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे, कानून उन्हें बख्शेगा नहीं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार 29 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना संभवत: किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान में एक विशाल हथियार डिपो को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमला किया है।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि ईरानी सेना किसी भी हमले का करारा जवाब देगी। जानें होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का क्या है नया रुख।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्वेटा के पास गैस पाइपलाइन को बम से उड़ाने की घटना ने देश में ऊर्जा संकट को गहरा दिया है। जानें कैसे उग्रवादी संगठनों ने गैस बुनियादी ढांचे को एक रणनीतिक हथियार बना लिया है।
मिडिल-ईस्ट में युद्ध के बादल छाए। अमेरिका ने ईरान की सीमा के पास 50,000 सैनिक और घातक हथियार तैनात किए। जानें ट्रंप प्रशासन की बड़ी स्ट्राइक की योजना और सैन्य तैनाती की पूरी रिपोर्ट।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा। 3500 अमेरिकी सैनिक USS त्रिपोली से मिडिल ईस्ट पहुंचे। जानें ईरान की 'नरक' वाली चेतावनी और पाकिस्तान में हो रही 3 देशों की गुप्त बैठक के मायने।
रूस ने घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 31 जुलाई तक पेट्रोल निर्यात रोका। जानें इजराइल-ईरान जंग और इस फैसले का भारतीय तेल बाजार पर क्या होगा असर।
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा; यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल के बेर्शेबा पर हमला किया। ईरान ने सऊदी, यूएई और कुवैत सहित 5 देशों को बनाया निशाना। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कई तीखे बयान दिए। वेनेजुएला और ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की सफलताओं का बखान करते हुए ट्रंप ने अब क्यूबा पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे दी है।