भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बुलाई बैठक। कलेक्टर ने एसडीएम को दी 7 दिन की मोहलत। वक्फ बोर्ड और लैंड जिहाद पर सख्त रुख।

भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बुलाई बैठक
भोपाल। स्टार समाचार वेब
राजधानी की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़ा तालाब को अतिक्रमण और प्रदूषण के चंगुल से छुड़ाने के लिए सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्टोरेट में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह समेत जिला प्रशासन और नगर निगम के आला अफसर मौजूद थे। सांसद ने अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी देते हुए तालाब का नए सिरे से मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
जब कलेक्टर ने एसडीएम से पूछा कि वर्तमान में तालाब के आसपास कितना अतिक्रमण बचा है, तो सभी अधिकारी चुप्पी साध गए। इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने चारों एसडीएम को एक हफ्ते की मोहलत दी है कि वे तालाब किनारे से सभी बड़े अतिक्रमण तत्काल हटाएं।
सिमटता दायरा: जो तालाब 31 वर्ग किमी में फैला था, वह अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण अब महज 8-9 किमी में सिमट गया है।
अवैध फार्म हाउस: तालाब के सोर्स एरिया में फार्म हाउस और मकान कैसे बन रहे हैं? लैंड यूज का उल्लंघन क्यों हो रहा है?
NGT के आदेश: सांसद ने पूछा कि एनजीटी के आदेशों पर अब तक कितनी कार्रवाई हुई और इसके लिए गठित विशेष टीम ने क्या किया?
रिपोर्ट्स हों सार्वजनिक: सेप्ट (CEPT), केपीएमजी और कुमार एसोसिएट्स की सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की गई।
सांसद शर्मा ने वक्फ बोर्ड और लैंड जिहाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "आज पूरा भोपाल वक्फ बोर्ड की जागीर बनता जा रहा है। मेट्रो लाइन हो, स्मार्ट रोड हो या बस स्टैंड का निर्माण—हर विकास कार्य में वक्फ की जमीन का रोड़ा अटकाया जाता है। अब भोपाल में वक्फ या लैंड जिहाद के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
उन्होंने भदभदा डेम के पास बची हुई 26 अवैध झुग्गियों को तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए।

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