सतना-मैहर में खरीफ सीजन के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण होने के सरकारी दावों के बावजूद बिक्री केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लगी हैं। आंकड़ों में उपलब्धता और वास्तविक वितरण के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता को लेकर सरकारी आंकड़े पहली नजर में कह रहे हैं कि खाद पर्याप्त है लेकिन बिक्री केन्द्रों में कतरा-कतरा के लिए कतार में लगा अन्नदाता किस बात की निशानदेही है। खैर, सतना और मैहर में विभिन्न उर्वरकों की कुल 60 हजार 642 मीट्रिक टन आवश्यकता आंकी गई है और अब तक 42 हजार 704 मीट्रिक टन का भंडारण दर्ज किया जा चुका है। यानी पूरे सीजन की अनुमानित जरूरत के मुकाबले करीब 70 फीसदी खाद पहुंच चुकी है। लेकिन इन्हीं आंकड़ों की परतें खोलने पर कुछ अलग दिखाई देता है। भंडारित खाद में से 23 हजार 703 मीट्रिक टन किसानों को वितरित हो चुकी है। अब सरकारी, सहकारी और निजी बिक्री केंद्रों को मिलाकर 19 हजार 1 मीट्रिक टन खाद का वास्तविक उपलब्ध भंडार बचा है।
जरूरत का बड़ा हिस्सा अभी आना बाकी
पूरे खाद प्रबंधन में सबसे महत्वपूर्ण स्थिति यूरिया की है। सतना-मैहर में खरीफ के लिए 32 हजार 175 मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता आंकी गई है। इसके मुकाबले अब तक 18 हजार 822 मीट्रिक टन का भंडारण हुआ है। इसमें से 12 हजार13 मीट्रिक टन किसान उठा चुके हैं जिससे बिक्री केंद्रों पर फिलहाल 6 हजार 809 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इस हिसाब से सीजन की अनुमानित आवश्यकता और अब तक हुए भंडारण के बीच अभी 13 हजार 353 मीट्रिक टन का अंतर है। प्रशासन के वैकल्पिक इंतजाम में 1 हजार 297 मीट्रिक टन यूरिया कंपनी के गोदामों में और 3 हजार 181 मीट्रिक टन रास्ते में बताया गया है। दोनों को जोड़ें तो 4 हजार 478 टन अतिरिक्त यूरिया आपूर्ति व्यवस्था में है।
किसानों को मोड़ने की तैयारी
फॉस्फेटिक खादों में भी दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। डीएपी का अब तक 4 हजार 53 मीट्रिक टन भंडारण हुआ, जिसमें से 2 हजार 871 टन वितरित हो चुका है। फिलहाल केवल 1 हजार 182 मीट्रिक टन डीएपी बिक्री के लिए उपलब्ध है। इसके विपरीत एनपीके की उपलब्धता काफी अधिक है। 13 हजार 435 मीट्रिक टन आवश्यकता के मुकाबले 11 हजार 165 मीट्रिक टन एनपीके का भंडारण हो चुका है। इसमें से 5 हजार 491 टन वितरण के बाद भी 5 हजार 674 मीट्रिक टन उपलब्ध है। यानी डीएपी की तुलना में एनपीके का उपलब्ध भंडार लगभग पांच गुना है।
कागज-केंद्र की खाद में फर्क
उर्वरक प्रबंधन के आंकड़ों को समझने में तीन अलग-अलग स्थितियां महत्वपूर्ण हैं अब तक का कुल भंडारण, वर्तमान उपलब्धता और अतिरिक्त सुरक्षित भंडार। कुल 42 हजार 704 टन भंडारण का आंकड़ा अब तक आई खाद बताता है लेकिन इसमें वह 23 हजार 703 टन खाद भी शामिल है जो पहले ही किसानों को बांटी जा चुकी है। इसलिए किसान के लिए तत्काल मायने रखने वाला आंकड़ा 19 हजार 1 टन वर्तमान उपलब्धता का है। इसके अलावा करीब 7 हजार 049 मीट्रिक टन खाद गोदामों अथवा रास्ते में बताई जा रही है।
गोदाम में 2058 टन रास्ते में 4991 टन
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यूरिया, एनपीके, एसएसपी और डीएपी को मिलाकर कंपनी के गोदामों में करीब 2 हजार 58 मीट्रिक टन खाद मौजूद है। वहीं करीब 4 हजार 991 मीट्रिक टन खाद रास्ते में बताई गई है। इनमें सबसे ज्यादा 3181 टन यूरिया रास्ते में है। इसके अलावा 970 टन एसएसपी, 739 टन एनपीके और 101 टन डीएपी रास्ते में है। गोदामों में 1297 टन यूरिया, 505 टन एनपीके, 177 टन एसएसपी और 79 टन डीएपी का भंडार बताया गया है। इस तरह करीब 7 हजार 49 टन अतिरिक्त खाद व्यवस्था के सहारे के रूप में मौजूद है।

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