जानिए मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की मुख्य खबरें। कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन, चंबल परियोजना पर तीखी बहस और 7,765.76 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पर पूरी जानकारी।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक
विधानसभा जारी है..
शून्यकाल की सभी सूचनाएं पढ़ी हुई मान ली गई
भोपाल. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए। विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जोरदार मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जबकि शून्यकाल की सभी सूचनाओं को पढ़ा हुआ मान लिया गया। सत्र के इस हंगामेदार रुख ने पहले ही दिन की कार्यसूची को तीखी बहसों के नाम कर दिया।
विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विधायकों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े गंभीर और ज्वलनशील मुद्दे उठाए, जिससे सरकार को कई मोर्चों पर जवाब देना पड़ा। सदन में ई-अटेंडेंस, आदिवासियों की जमीन के संरक्षण, किसानों के लंबित मुआवजे, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, भोपाल सिटी लिंक बस सेवा की पेनल्टी, वसीयत के आधार पर नामांतरण और चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जैसे विषयों पर तीखे सवाल पूछे गए। इन सवालों के माध्यम से विपक्ष ने प्रशासनिक कसावट और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए, जिस पर संबंधित मंत्रियों ने सरकार का पक्ष रखा।
चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने 167 करोड़ रुपए की इस परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने और किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचने का गंभीर आरोप लगाया। इसके जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने परियोजना के पूरा होने का दावा करते हुए हजारों हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होने के आंकड़े पेश किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने खुद हस्तक्षेप किया और परियोजना का उच्चस्तरीय निरीक्षण कराने तथा पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी का गूंज मध्य प्रदेश विधानसभा के सदन में भी साफ सुनाई दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए इस पर तत्काल चर्चा कराने की पुरजोर मांग की। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। संसदीय कार्य मंत्री राकेश सिंह ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश की भौगोलिक सीमा और अधिकार क्षेत्र से बाहर का है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा, जिस पर आज विस्तृत चर्चा की जा रही है। सरकार द्वारा पेश किए गए कुल 7,765.76 करोड़ रुपए के इस अनुपूरक बजट में विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। बजट का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 3,000 करोड़ रुपए का प्रावधान नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए किया गया है। इस राशि का उपयोग प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार और समय पर भूमि अधिग्रहण के बकाए भुगतानों को पूरा करने में किया जाएगा।
मुख्य विधायी आंकड़े:
ध्यान आकर्षण प्रस्ताव: 9 विधायक
याचिकाएं (Petitions): 66 विधायक
विधायकों के कुल प्रश्न: 75

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सरकार के साथ बनी सहमति के बाद मध्यप्रदेश में तीन दिन से चल रहा इंटर्न डॉक्टरों का धरना समाप्त हो गया है। स्टाइपेंड में 50% की बढ़ोतरी के साथ ₹21,500 प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स का आंदोलन तीसरे दिन और उग्र हो गया है। भोपाल और इंदौर समेत प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
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