रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बीएड और एमएड परीक्षाओं के लिए एक ही समिति से संचालित कॉलेजों को आपस में परीक्षा केन्द्र बनाए जाने पर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि इससे नकल और नियम उल्लंघन को बढ़ावा मिलेगा।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का एक और कारनामा सामने आया है। परीक्षा केन्द्र में शासन के नियमों और निर्देशों की अवहेलना की गई है। एक ही समिति से संचालित दो कॉलेजों को एक दूसरे का परीक्षा केन्द्र बना दिया गया है। जहां समितियां मेल नहीं खार्इं, वहां कॉलेजों के बीच छात्रों की अदला बदली कर दी गई है। कुल मिलाकर नकल कराने की विवि ने ही पूरी तैयारी करा दी है।
आपको बता दें कि अवधेश प्रताप सिंह बीएड, एमएड, बीएड बीएससी बीएड की परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है। परीक्षा के पूर्व परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। लिस्ट जारी कर दी गई है। विवि अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों के छात्रों के लिए परीक्षा केन्द्र तय कर दिए गए हैं। इस परीक्षा के शुरू होने से पहले ही परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण सवालों के घेरे में हैं। इस परीक्षा में ऐसी गड़बड़ियां की गई हैं जो नकल को बढ़ावा देने वाला है। इन केन्द्रों में एक ही समिति के अलग अलग नाम से संचालित दो कॉलेजों को एक दूसरे का परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। यानि समिति का अध्यक्ष एक है और उसके दो कॉलेज संचालित हैं। दोनों ही कॉलेज के छात्र समिति अध्यक्ष के ही कॉलेजों में बैठ कर परीक्षा देंगे। बस बदलाव कॉलेजों के नाम बदल कर किया गया है।
बात यहीं पर खत्म नहीं होती। कुछ कॉलेजों की समितियां अलग हैं तो उन्हें एक दूसरे का केन्द्र बना दिया गया है। यानि दो कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की अदला बदली कर दी गई है। जब परीक्षा केन्द्र में इस तरह की गड़बड़ी की गई हैं, तो केन्द्राध्यक्ष और वीक्षक की नियुक्ति में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई होगी, जो नकल कराने के लिए काफी है।
इन महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने में की गई गड़बड़ी
अवधेश प्रताप सिंह ने एक ही समिति के दो कॉलेजों को एक दूसरे का परीक्षा केन्द्र बनाकर धोखा देने की कोशिश की है। ईश्वर चन्द्र विद्यासागर जवा का परीक्षा केन्द्र रामभाई डभौरा कॉलेज को बनाया गया है। जबकि दोनों कॉलेज एक ही समिति से संचालित होते हैं। इसी तरह टीडी शिक्षा महाविद्यालय चाकघाट का परीक्षा केन्द्र जीके मेमोरियल कॉलेज चाकघाट बनाया गया है। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू कॉलेज एवं रामकृष्ण कॉलेज मनगवां एक ही समिति से संचालित हैं। इसी तरह विंध्याचल महाविद्याल में जिगना को डीएस बीएड महाविद्यालय झोपा और डीएस महाविद्यालय झोपा को विध्यांचल महाविद्यालय जिगना का परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। दोनों ही एक ही समिति से संचालित हैं। इसके अलावा नेशनल बीएड कॉलेज रीवा को कृष्णा बीएड कॉलेज मनगवां का परीक्षा केन्द्र बनाया गया हैं। यहां भी एक ही समिति से दोनों कॉलेज संचालित हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने दूसरे महाविद्यालय को केन्द्र बनाने के दिए थे आदेश
मप्र शासन उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में नकल रोकने के लिए एक आदेश जारी किया था। यह आदेश वर्ष 2016 में अवर सचिव वीरन सिंह भलावी ने जारी किया था। इस आदेश के तहत अशासकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केन्द्र उस अशासकीय महाविद्यालय के अतिरिक्त दूसरा महाविद्यालय बनाने का था। इसके अलावा जिस महाविद्यालय में नकल प्रकरण या सामूहिक नकल की शिकायतें सामने आर्इं हों, उन्हें भी परीक्षा केन्द्र नहीं बनाने के आदेश दिए गए थे। परीक्षा केन्द्रों में वीक्षक और केन्द्राध्यक्ष भी दूसरे महाविद्यालय के ही तैनात करने के लिए कहा गया था। फिर भी इस आदेश का विवि ने परीक्षा केन्द्र बनाने में पालन नहीं किया।
एक दूसरे को बना दिया परीक्षा केन्द्र
यहां सिर्फ एक ही समिति के कॉलेजों को ही परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है। कॉलेजों की अदला बदली भी की गई है। एक कॉलेज के छात्र दूसरे तो दूसरे के पहले कॉलेज में परीक्षाएं देंगे। ऐसे में एक दूसरे को परीक्षा केन्द्र बनाकर शासन के आदेश की अवहेलना की गई है। इससे नकल की संभावनाएं बढ़ेंगी। दोनों की ही कॉलेज एक दूसरे के छात्रों को पास कराने के लिए लामबंद भी हो सकते हैं। कुल मिलाकर परीक्षा केन्द्र बनाने में विवि ने बड़ी गड़बड़ी की है।


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