सतना में पीबीआई विसंगतियों के विरोध में 270 सीएचओ सामूहिक अवकाश पर रहे। कलेक्ट्रेट घेराव कर ज्ञापन सौंपा। लंबित भुगतान और अव्यावहारिक लक्ष्यों को लेकर आंदोलन तेज होने की चेतावनी दी गई।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि (पीबीआई) सूचकांकों में सुधार न होने के विरोध में गुरुवार को जिले के दो सैकड़ा से अधिक सामुदाईक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आॅल इंडिया एसोसिएशन आॅफ कम्युनिटी हेल्थ आॅफीसरों के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमे पीबीई सूचकांक में सुधार लाने की बात कही गई। ज्ञापन देने वाले कर्मियों ने बताया कि पूरी प्रदेश में पीबीआई में विसंगतियों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अनिश्चितकाल के लिए आॅनलाइन कार्य बंद कर दिया गया है। गुरुवार को जिले के 270 सीएचओ एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर भी रहे, यहां तक कि मांगे पूरी न होने पर कर्मियों द्वारा आंदोलन की चेतावनी भी दी है। सीएचओ ने बताया कि जिले के समस्त सीएचओ का साल भर से 4 करोड़ से अधिक का कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी लंबित है।
लक्ष्य अधिक, नहीं मिल पाएगा गुणवत्ता पूर्ण कार्य
सीएचओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के मानदेय का 37 फीसदी भाग कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है। कुछ मापदंड सूचकांकों को मासिक लक्ष्य के रूप में परिलक्षित कर दिया गया है। जिसके चलते गुणवत्तापूर्ण लक्ष्य पूर्ण कर पाना असंभव है। नए कार्य आधारित सूचकांक के चलते अगर 50 फीसदी लक्ष्य भी पूर्ण होता है तो प्रोत्साहन राशि न के बराबर प्राप्त होती है। कम्युनिटी हेल्थ आफीसरों ने बताया कि एनसीडी मापदंडों का राष्ट्रीय लक्ष्य 37 फीसदी किया गया है जबकि समय पर यह पूर्ण नहीं हो पाता क्योंकि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की मासिक ओपीडी का लक्ष्य 5 हजार की जनसंख्या पर 400 निर्धारित है। ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग के लक्ष्य को पोर्टल पर दर्शाना संभव नहीं है।
हितग्राही ही उपलब्ध नहीं होते
कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अन्तर्गत हितग्राही ही उपलब्ध नहीं होते जिसके चलते प्रतिमाह मिलने वाली कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि में नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार हर माह एक गर्भवती गंभीर एनीमिक का लक्ष्य स्क्रीनिंग के लिए रखा गया है जो कि असंभव है। टीबी कार्यक्रम के अन्तर्गत ओपीडी का 3 फीसदी लक्ष्य स्पुटम कलेक्शन के लिए निर्धारित किया गया है। जबकि जनसंख्या का औसत अधिक है।


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