दिल्ली हाईकोर्ट ने Cockroach Janta Party (CJP) के X अकाउंट बैन मामले में केंद्र सरकार और ट्विटर को नोटिस भेजा है। कोर्ट ने कहा कि बिना सरकार का पक्ष सुने अकाउंट बहाल नहीं होगा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस जारी किया है। दिपके ने CJP का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने के सरकारी फैसले को अदालत में चुनौती दी है।
अदालत ने फिलहाल अकाउंट को तुरंत बहाल करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का मानना है कि इस संवेदनशील मामले में कोई भी फैसला लेने से पहले सरकार का पक्ष सुनना बेहद जरूरी है।
जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार का पक्ष सुने बिना ऐसा कोई आदेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि इस मामले के व्यापक प्रभाव और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। अदालत ने केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की गई है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में ब्लॉकिंग ऑर्डर की समीक्षा कराने का भी निर्देश दिया है। बेंच ने स्पष्ट किया सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत गठित रिव्यू कमेटी हर दो महीने में बैठक करती है। इस कमेटी को ब्लॉकिंग आदेश के सभी पहलुओं की गहन जांच करने का पूरा अधिकार है। रिव्यू कमेटी जो भी निर्णय लेगी, उसे कोर्ट के रिकॉर्ड पर रखा जाएगा। अमेरिका के बोस्टन में रह रहे याचिकाकर्ता अभिजीत दिपके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने का अनुरोध कर सकते हैं।
अभिजीत दिपके की ओर से पेश हुए एडवोकेट नकुल गांधी ने दलील दी कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' विशुद्ध रूप से एक राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य (सटायर) पर आधारित पहल है। याचिकाकर्ता का कहना है कि:
यदि प्लेटफॉर्म पर कुछ पोस्ट आपत्तिजनक पाई जाती हैं, तो केवल उन्हें हटाया या ब्लॉक किया जाना चाहिए।
कुछ पोस्ट्स की वजह से पूरे सोशल मीडिया अकाउंट को पूरी तरह बंद कर देना अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ है।
पूर्व में भी अदालतों ने ऐसे मामलों में राहत देते हुए अकाउंट्स को बहाल करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर कहा कि फिलहाल सिर्फ नोटिस जारी किया जा सकता है, क्योंकि डिजिटल ब्लॉकिंग से जुड़े कानून अभी शुरुआती दौर में हैं। कोर्ट ने कहा कि न तो याचिकाकर्ता ने और न ही कोर्ट ने अभी तक वास्तविक ब्लॉकिंग ऑर्डर देखा है, इसलिए इसके पीछे की सटीक वजह अभी साफ नहीं है। जिन पुराने मामलों का हवाला दिया जा रहा है, वे अलग थे; वहां कुछ चुनिंदा पोस्ट विवादित थीं, जबकि यहाँ पूरे अकाउंट की गतिविधियों पर सवाल है।
वहीं, सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा - "इंटरमीडियरी (X) यहाँ याचिकाकर्ता की मदद करता हुआ प्रतीत हो रहा है। सरकार का पक्ष सुने बिना कोई भी अंतरिम आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। यदि अदालत को आवश्यकता होगी, तो ब्लॉकिंग ऑर्डर और उससे जुड़ा पूरा रिकॉर्ड सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश किया जा सकता है।"
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देकर CJP का X हैंडल ब्लॉक कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिले इनपुट्स के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 69A के तहत X को इस अकाउंट को ब्लॉक करने का निर्देश जारी किया था।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)? CJP नाम का यह सोशल मीडिया पेज 16 मई को अभिजीत दिपके द्वारा बनाया गया था। यह पेज भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक हालिया 'कॉकरोच टिप्पणी' के बाद अस्तित्व में आया और देखते ही देखते यह बेहद लोकप्रिय हो गया। इंस्टाग्राम पर CJP के 2.25 करोड़ (22.5 मिलियन) से अधिक फॉलोवर्स हैं।

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