धार भोजशाला मामले में कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष आवेदन दायर किया है। मुस्लिम पक्ष ने इंदौर हाईकोर्ट की सुनवाई पर असंतुष्टि जताते हुए ASI सर्वे और याचिका की वैधता पर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्ली/धार। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक धार जिले में स्थित भोजशाला-कमाल मौलाना मस्जिद परिसर का विवाद एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत की चौखट पर पहुँच गया है। मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाली कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच की प्रस्तावित सुनवाई और प्रक्रिया पर असंतोष जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में विशेष आवेदन दाखिल किया है।
सोसायटी ने अपनी याचिका में मांग की है कि इंदौर हाईकोर्ट में 2 अप्रैल 2026 को होने वाली प्रस्तावित सुनवाई से पहले, 1 अप्रैल को उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए। मुस्लिम पक्ष का मुख्य तर्क यह है कि निचली अदालत में उनके द्वारा उठाए गए कानूनी बिंदुओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद के अनुसार, मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 11 मार्च को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए सर्वे की वीडियोग्राफी और साक्ष्य उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि 16 मार्च को हुई पिछली सुनवाई के दौरान इस महत्वपूर्ण विषय पर न तो कोई विस्तृत चर्चा हुई और न ही न्यायालय द्वारा कोई ठोस आदेश पारित किया गया।
मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह भी दलील दी है कि 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' द्वारा दायर की गई मूल याचिका कानूनी रूप से सुनवाई योग्य (Maintainable) नहीं है। उनका कहना है कि तकनीकी और कानूनी खामियों के बावजूद इस याचिका पर कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो न्यायिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के विपरीत है।
भोजशाला परिसर में चल रहे एएसआई सर्वे और वहां की धार्मिक स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से कानूनी खींचतान जारी है। अब जबकि मुस्लिम पक्ष ने सीधे सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है, तो 1 अप्रैल की संभावित सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि इंदौर हाईकोर्ट में मामले की दिशा क्या होगी।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भोपाल के ऐशबाग में 11वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि दो युवक सोशल मीडिया से फोटो चुराकर AI टूल्स से अश्लील तस्वीरें बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव उमाकांत महाराज से आशीर्वाद लिया। सीएम ने बताया कि गुरु कृपा से प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई है और सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन को मेट्रो व आध्यात्मिक सिटी बनाया जाएगा।
जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी प्रसारित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर आज मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा संभावित फैसले से पहले धार शहर को अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुरुवार रात से ही शहर में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत रीवा और मऊगंज जिले की 3 लाख 99 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 59 करोड़ 17 लाख रुपए अंतरित किए गए। महिलाओं ने योजना को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम बताया।
रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक और उसकी महिला मित्र को नशीली सिरप के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिस थाने में सक्रिय रहता था, जिससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सीधी जिले में बढ़ती गर्मी और सूखते जलस्रोतों के कारण वन्यजीव अब पानी की तलाश में गांवों तक पहुंचने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में पानी की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
सिंगरौली के माड़ा वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता डेली वितरण को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग पर पक्षपात के आरोप लगाए। कलेक्टर और डीएफओ को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की गई।
छतरपुर के महाराजपुर में बिजली विभाग के खिलाफ हजारों लोगों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। स्मार्ट मीटर, बढ़े बिजली बिल और कटौती से नाराज नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।