केंद्र सरकार ने किसानों और राज्यों के विरोध के बाद गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस ले लिया है। खांडसारी और एथनॉल नियमों की समीक्षा अब नए सिरे से होगी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

केंद्र सरकार ने गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस लेने का निर्णय लिया है। विभिन्न राज्य सरकारों, किसानों और उद्योग जगत से मिलीं कड़ी आपत्तियों के बाद इसे पुनर्विचार के लिए भेजा जाएगा। खाद्य मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी कर स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों व टिप्पणियों के आधार पर इस मसौदे पर नए सिरे से विचार करना आवश्यक समझा गया है।
खाद्य मंत्रालय ने इस नए मसौदे को सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 20 मई तय की गई थी। इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य 60 साल पुराने 'गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966' को बदलना था। इसके तहत सरकार एथनॉल उत्पादन और खांडसारी क्षेत्रों को पूरी तरह से सरकारी नियमन (Regulation) के दायरे में लाना चाहती थी।
इस प्रस्ताव का खांडसारी इकाइयों और किसान संगठनों ने पुरजोर विरोध किया था। दरअसल, नए मसौदे में खांडसारी इकाई की परिभाषा को बदलने का प्रस्ताव था, जिसके तहत 10 से अधिक श्रमिकों और प्रतिदिन 500 टन से अधिक पेराई क्षमता वाली इकाइयों को इसके दायरे में रखा जाना था। जबकि वर्तमान नियम के अनुसार, 20 या अधिक श्रमिकों वाली इकाई को खांडसारी माना जाता है और इसमें पेराई क्षमता की कोई सीमा तय नहीं है।
विशेषज्ञों और सूत्रों के अनुसार, यदि नई परिभाषा लागू होती तो बड़ी संख्या में छोटी और श्रम-प्रधान इकाइयां भी सरकारी नियमों के जाल में फंस जातीं। इसका सीधा नुकसान किसानों को होता, क्योंकि उन्हें चीनी मिलों की तुलना में खांडसारी इकाइयों से अपने गन्ने का बेहतर मूल्य मिलता है।
इस फैसले पर भाजपा सांसद संजीव बालियान ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि सरकार ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए यह आदेश वापस लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम साबित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर नीति को किसानों की सहमति और उनके कल्याण को सर्वोपरि रखकर ही बनाती है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
NCLT की पहली 5-सदस्यीय बेंच ने जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा के ₹22,000 करोड़ के कर्ज पर मात्र ₹6.25 करोड़ चुकाने के प्लान पर रोक लगा दी है। संपत्ति ट्रांसफर करने पर भी प्रतिबंध है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच 1 सितंबर 2026 से पाकिस्तान में पेट्रोल 77 पैसे महंगा होकर 342.79 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 1.03 रुपये सस्ता हुआ है। जानिए अगस्त के रेट्स और असर की पूरी जानकारी।
आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रखने की बढ़ती उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं।
कभी न कभी लगभग हर किसी को किसी न किसी जरूरी काम से बैंक जाना ही पड़ता है। भले ही अधिकतर काम आनलाइन बैंकिंग या फोन बैंकिंग से हो जाते हैं, लेकिन कुछ कामों के लिए ब्रांच विजिट करना ही पड़ता है। आप यहां जान सकते हैं कि किस शहर में कब-कब बैंक बंद रहेंगे और कब-कब खुले रहेंगे।
आज यानी 1 सितंबर से कॉमर्शियल सिलेंडर औसतन 11.50 रुपए महंगा हो गया है। वहीं, मुंबई में दूध 9 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो गया है। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी का फायदा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैश्विक तनाव और अमेरिकी-ईरान युद्ध के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को नुकसान पहुंचाया।
सेबी ने डिबॉक इंडस्ट्रीज और ट्रैफिकसोल पर लगाया प्रतिबंध और भारी जुर्माना। इसके अलावा जीएसटी परिषद की बैठक, विनिवेश के आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और बजट तैयारियों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की बड़ी खबरें पढ़ें।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूसी रिफाइनरियों को हुए नुकसान के बाद भारत रूस को पेट्रोल का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन गया है। जानें अगस्त में भारत से कितनी पेट्रोल सप्लाई हुई और इसके पीछे की पूरी रिपोर्ट।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने के कारण एवरेस्ट और लालजी गोधू (Laljee Godhoo) की हींग की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा जांच में अन्य मसालों में भी गड़बड़ी पाई गई है।