वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय बाजार में सोने और चांदी के दाम गिरे। जानें क्यों चांदी 5% और सोना 2.5% तक फिसला और निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20263:08 PM
बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर देखने को मिला है। गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव 5% से अधिक लुढ़क गए, जबकि सोने की कीमतों में भी लगभग 2.5% की कमी आई।
दोपहर के कारोबार के दौरान चांदी की कीमतों में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे यह करीब 12,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। इसी तरह, सोने के भाव में भी 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई। वर्तमान में चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के नीचे ट्रेड कर रहा है।
बाजार विशेषज्ञों ने इस अचानक आई गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारकों को जिम्मेदार ठहराया है:
कच्चे तेल में उछाल: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, विशेषकर ईरान और अमेरिका के बीच टकराव के कारण तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की खबरें आईं। इसके चलते कच्चा तेल 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और भविष्य में भी कटौती के संकेत नहीं दिए हैं। जेरोम पॉवेल के बयान के बाद निवेशकों ने कीमती धातुओं से पैसा निकालकर मुनाफावसूली शुरू कर दी।
निवेशकों का बदलता रुख: आमतौर पर संकट के समय सोने को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता और ऊंचे भावों को देखते हुए निवेशकों ने भारी बिकवाली की है।
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक शिखर छुआ था। पिछले दो वर्षों की लगातार तेजी के बाद अब बाजार में 'करेक्शन' का दौर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार की चाल अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थितियों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों पर टिकी होगी।