सिंगरौली के गोंदवाली रेलवे साइडिंग पर खनिज और राजस्व विभाग की टीम ने 11,400 मीट्रिक टन कोयले के अवैध भंडारण का खुलासा किया। फर्म की जानकारी और दस्तावेज नहीं मिले। कोयले में भस्सी मिलावट की आशंका, पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप।

हाइलाइट्स
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
बरगवां थाना क्षेत्र के गोंदवाली रेलवे साइडिंग में सोमवार को कार्रवाई के लिए पहुंची खनिज व राजस्व विभाग की टीम खाली हाथ लौटी है। जबकि कोयले में मिलावट का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। सहायक खनिज अधिकारी अशोक मिश्रा ने बताया कि गोंदवाली स्थित रेलवे साइडिंग पर 11400 मिट्रिक टन कोयले का भंडार डंप किया गया है। मगर यह कौन से फर्म का है। इसकी जानकारी खनिज व राजस्व टीम को नहीं मिली है। गोंदवाली में साइडिंग पर यार्ड में डंप कोयला कौन-कौन से फर्म का है इसकी जानकारी जांच टीम को नहीं दी गई। बल्कि रेलवे व एनसीएल से यह जानकारी मांगी है। वहीं साइडिंग में डंप कोयले का कोई दस्तावेज जांच टीम को नहीं दिया गया है। यह बात और है कि कोयले में भस्सी(डस्ट) की मिलावट के संबंध में रासायनिक जांच कराई जाएगी। जानकारी के मुताबिक बीते दिन शनिवार की रात झारखंड के रामगढ़ से भस्सी लेकर गोंदवाली स्थित मां काली फर्म में जा रहे दो हाइवा वाहनों को ग्रामीणों ने पकड़कर बरगवां पुलिस के हवाले कर दिया था। इस पूरे मामले में बरगवां पुलिस ने लीपापोती कर रफादफा कर दिया। जबकि हाइवा क्रमांक यूपी 64 बीटी 4625 व यूपी 64 बीटी 4627 को ग्रामीणों ने पकड़ा था। जिसे बरगवां थाने में खड़ा कराया गया था। वाहनों का कागज सतना जाने के लिए बना था। मगर वह भस्सी लेकर गोंदवाली स्थित मां काली फर्म में जा रहे थे। जिसे ग्रामीणों ने रोका था और पूछताछ करने पर पकड़ा था। मगर पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस पूरे खेल में न केवल आला अधिकारी बल्कि पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।