पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में कहा कि भारत में डीजल-पेट्रोल और गैस की किल्लत नहीं है। वहीं राहुल गांधी और सुप्रिया सुले ने ईंधन संकट पर सरकार को घेरा। सदन में लगे एपस्टीन के नारे।
By: Star News
Mar 12, 20265:08 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत में एलपीजी (LPG) और ईंधन संकट को लेकर गुरुवार को लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन को आश्वस्त किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनके भाषण के दौरान विपक्ष ने 'एपस्टीन' के नाम पर जमकर नारेबाजी की।
विपक्ष के शोर-शराबे के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। देश के पास पर्याप्त कच्चा तेल (Crude Oil) मौजूद है। एलएनजी (LNG) कार्गो और अन्य वैकल्पिक मार्गों से सप्लाई जारी है। एलपीजी का उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। तीन मंत्रियों की कमेटी हर पल के हालात पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि कमी की अफवाहों के कारण मांग (Demand) अचानक बढ़ी है, जिससे पैनिक की स्थिति बनी है।भारत वर्तमान में कनाडा, नॉर्वे और रूस से ईंधन ले रहा है और सीएनजी की सप्लाई 100% बरकरार है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद होने से छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स पर बुरा असर पड़ा है। राहुल ने सवाल उठाया, "अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल या गैस खरीदेंगे?" इसी दौरान राहुल गांधी ने एक मंत्री की ओर इशारा करते हुए 'एपस्टीन' (जेफ्री एपस्टीन) का जिक्र किया, जिसके बाद ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने राहुल को टोकते हुए नियम के दायरे में रहने की हिदायत दी।
सदन में उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई जब विपक्षी सदस्यों ने एक सुर में 'देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया' के नारे लगाने शुरू कर दिए। यह नारेबाजी तब और तेज हो गई जब हरदीप पुरी अपना पक्ष रख रहे थे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SCP) की सांसद सुप्रिया सुले ने ईंधन संकट पर चिंता जताते हुए सरकार से 'ऑल पार्टी मीटिंग' बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत का असर रेस्टोरेंट्स, मंदिरों और MSME सेक्टर पर पड़ रहा है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प के नए ट्रेड एक्ट के भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
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