पन्ना जिले में लोक सरोवर योजना के नाम पर अव्यवस्थित खुदाई से खतरनाक गड्ढे बन गए, न सुरक्षा न संरचना, ग्रामीणों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई

हाइलाइट्स
पन्ना, स्टार समाचार वेब
जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित लोक सरोवर योजना अब सवालों के घेरे में है। जल संरक्षण और जनहित को ध्यान में रखकर शुरू की गई इस योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन बेहद लापरवाहीपूर्ण नजर आ रहा है। पाठा मुख्य मार्ग से जालिम सिंह के मकान बिलखुरा तक बन रही सड़क के किनारे लोक सरोवर के नाम पर की गई खुदाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जाता है कि शासन की मंशा अनुसार सड़क निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मिट्टी और मुरम को एक निश्चित स्थान से निकालकर वहां व्यवस्थित रूप से तालाब लोक सरोवर विकसित किया जाना था।
इस प्रक्रिया से जहां निर्माण सामग्री भी उपलब्ध होती और साथ ही एक स्थायी जल स्रोत का निर्माण होता, जिससे आसपास के ग्रामीणों और पशुओं को लाभ मिल सके। लेकिन यहां इस योजना की मूल भावना को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। मौके पर देखने पर पता चलता है कि सरोवर के नाम पर सिर्फ एक बोर्ड लगा दिया गया है, जबकि वास्तविकता में ठेकेदार द्वारा अलग-अलग स्थानों पर अनियंत्रित और अव्यवस्थित तरीके से गहरी खुदाई कर दी गई है। इन गड्ढों का न तो कोई निश्चित आकार है और न ही उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए कोई इंतजाम किए गए हैं। कहीं आयताकार या वृत्ताकार तालाब जैसी संरचना दिखाई नहीं देती, बल्कि कई स्थानों पर बेतरतीब ढंग से खनन कर खतरनाक खाइयां छोड़ दी गई हैं।
स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि एक स्थान पर तो निजी खेत के बिल्कुल पास गहरी खुदाई कर दी गई है, जिससे वहां काम कर रहे किसानों और आसपास के लोगों के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। इन गड्ढों के आसपास न तो चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा घेराबंदी की गई है। ऐसे में कभी भी कोई व्यक्ति या मवेशी इन गड्ढों में गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है। जब इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि यदि मौके पर केवल बोर्ड लगाकर काम अधूरा छोड़ा गया है, तो बोर्ड हटवाने की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अधिकारियों का यह जवाब संतुष्ट नहीं कर सका और उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लोक सरोवर योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से हो, ताकि जल संरक्षण के उद्देश्य पूरे हो सकें और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। फिलहाल, लोक सरोवर के नाम पर बने ये गहरे गड्ढे लोगों के लिए ह्यमौत की खाईह्ण बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
इसी तरह के गड्डों में गई थी दो मासूमों की जान
गौरतलब है कि हाल ही में सुनेहरा गांव में इसी तरह के खनन गड्ढों में गिरने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। अब यहां भी वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा मनमानी करते हुए बिना किसी योजना या तकनीकी मानकों के खुदाई की जा रही है। इससे न सिर्फ योजना का उद्देश्य विफल हो रहा है, बल्कि लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो गया है। लोक सरोवर जैसी महत्वपूर्ण योजना को केवल कागजों और बोर्ड तक सीमित कर देना शासन की मंशा के साथ अन्याय माना जा रहा है।
मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं हैं, यदि ऐसा है, तो तुरंत बोर्ड हटवा देंगे और संबंधित ठेकेदार को नोटिस भी दिया जायेगा।
अनुपम शुक्ला, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग पन्ना।


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