राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर सतना पहुंचे। उन्होंने पतौरा में प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी के निवास पर भोजन कर आत्मीय भेंट की, फिर उतैली स्थित सरस्वती आवासीय विद्यापीठ में संघ विस्तारक वर्ग को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों, सामाजिक समरसता, गृह संपर्क और राष्ट्रभक्ति पर केंद्रित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार को दो दिवसीय प्रवास पर सतना पहुंचे। सुबह उन्होंने मां शारदा देवी के दर्शन कर अपने प्रवास की शुरूआत की। इसके बाद वे पतौरा गांव पहुंचे, जहां प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी के निवास पर दोपहर का भोजन किया तथा उनके परिवार से आत्मीय मुलाकात की। पतौरा से रवाना होकर डॉ. भागवत दोपहर बाद सीधे सतना पहुंचे, जहां उतैली स्थित सरस्वती आवासीय विद्यापीठ परिसर में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान पूरा परिसर सुरक्षा के घेरे में तब्दील रहा। सतना, रीवा और जबलपुर जिलों से लगभग 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की मौजूदगी के बीच केवल अनुमति प्राप्त व्यक्तियों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।
आज करेंगे मेहर शाह दरबार को लोकार्पित
दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन रविवार को डॉ. मोहन भागवत सिंधी कैंप स्थित मेहर शाह दरबार का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद सुबह 10.30 बजे बीटीआई मैदान में एक जनसभा को संबोधित करने के पश्चात शाम 6 बजे, संघ प्रमुख रीवा इतवारी ट्रेन से नागपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।
आत्मीयता देख विभोर हुए ग्रामीण
पतौरा पहुंचे संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत की सादगी और आत्मीयता देखकर पतौरा के ग्रामीण भाव विभोर नजर आए। दरअसल संघ प्रमुख प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी के पतौरा स्थित निवास स्थान भोजन करने पहुंचे थे। उनके आगमन के पूर्व जिस प्रकार के कड़े इंतजाम किए गए थे उससे ग्रामीणों के बीच जिज्ञासा थी कि क्या वे उन्हें देख भी पाएंगे लेकिन पतौरा पहुंचकर श्री भागवत ने जिस आत्मीयता से लोगों का अभिवादन किया उससे ग्रामीण मुरीद हो गए। बड़ी सादगी से उन्होने बृजकांत के परिजनों से भेंट की और भोजन गृहण किया।
बताए शताब्दी वर्ष के लक्ष्य, मंडल स्तर तक आयोजित होंगे कार्यक्रम
शाम चार बजे के बाद डॉ. भागवत ने एक बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया, जिसमें संघ के विस्तारक और प्रचारक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान प्रचारकों को शताब्दी वर्ष में तय किए गए कार्यक्रमों व लक्ष्यों पर संघ प्रमुख का मार्गदर्शन मिला। संघ प्रमुख ने अपने मार्गदर्शन में कहा कि ‘संघ के 100 वर्ष पूरे होने का यह अवसर केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में नए संकल्पों का समय है।’ उन्होने विस्तारकों व प्रचारकों को संघ के शताब्दी वर्ष में तय किए गए लक्ष्यों से अवगत कराते हुए लक्ष्यपूर्ति के उपाय भी बताए। गौरतलब है कि संघ ने शताब्दी वर्ष के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है जिसका लक्ष्य सामाजिक समरसता के साथ मंडल स्तर पर गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन , प्रबुद्ध जन संगोष्ठी व सामाजिक सद्भाव बैठक जैसे कार्यक्रमों का आयोजन है ताकि गांव-गांव घर-घर तक संघ का राष्टÑीय चिंतन पहुंच सके और समाज में समरसता और राष्टÑभक्ति की भावना का संचार हो सके। सूत्रों के अनुसार शनिवार को आवासीय विद्यापीठ में संघ प्रमुख ने शताब्दी वर्ष के इन्ही लक्ष्यों से परिचित कराते हुए विस्तारकों व प्रचारकों को भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज की चुनौती केवल आर्थिक या सामाजिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की है। संघ प्रमुख ने प्रचारकों को प्रेरित करते हुए बताया कि संघ का प्रत्येक कार्यकर्ता ‘सेवा, संगठन और संस्कार’ के सिद्धांतों पर आधारित जीवन अपनाए । उन्होंने राष्ट्रभक्ति को केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन का आचरण बताया। उनके अनुसार, भारत की आत्मा गावों, परिवारों और परंपराओं में बसती है जिन्हें मजबूत करना ही राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च स्वरूप है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व वर्ष 2015 में संघ प्रमुख उतैली स्थित सरस्वती आवासीय विद्यापीठ में संघ शिक्षा वर्ग में शामिल होने आ चुके हैं। इस अवसर पर अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक बिस्पुते , सरसंघचालक के सहयोगी सुमेध देशमुख , क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी , सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर सिदार , प्रांत कार्यवाह उत्तम बनर्जी, प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी , सह प्रांत प्रचारक श्रवण सैनी , क्षेत्र प्रचारक प्रमुख शिवराम समदरिया के अलावा महाकौशल प्रांत के विस्तारक और प्रचारक मौजूद रहे।
गोल्फ कार्ट में बैठकर पकड़ेंगे ट्रेन
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत आज रीवा-इतवारी एक्सप्रेस से वापस जाएंगे। सतना जंक्शन में श्री भागवत पैदल नहीं बल्कि गोल्फ कार्ट में बैठकर अपनी ट्रेन पकड़ेंगे। जबलपुर से गोल्फ कार्ट गाड़ी जो बैटरी से चलती है मंगवाई गई है। वहीं जंक्शन में संघ प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तगड़े इंतजाम किए गए हैं। क्राउड मैनेजमेंट के लिए रस्से लगाकर बैरीके डिंग की गई है।
संघप्रमुख के कार्यक्रम में शामिल होंगे डिप्टी सीएम
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल 5 अक्टूबर को प्रात: 10 बजे सतना आयेंगे। निर्धारित कार्यक्रमानुसार उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल प्रात: 10.30 बजे बाबा मेहरशाह दरबार सिंधी कैम्प सतना में सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत के सानिध्य में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के पश्चात दोपहर 2.30 बजे रीवा के लिए प्रस्थान करेंगे।
सांसद ने लिया तैयारियों का जायजा
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के इआज के कार्यक्रमों के मद्देनजर सांसद ने शनिवार को बीटीआई ग्राउंड का जायजा लिया। सांसद ने कार्यक्रम स्थल पर सुनियोजित व्यवस्था को देखने के साथ-साथ मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यवस्था में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।


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