सतना में एमएसटी लेकर यात्री एसी और स्लीपर कोच में कर रहे सफर, आरक्षित यात्रियों को हो रही परेशानी, रेलवे और आरपीएफ ने एक माह का विशेष जांच अभियान शुरू किया

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
ट्रेनों के एसी कोच में एमएसटी (मंथली सीजन टिकट) लेकर अप-डाउन करने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या अब आम यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। नियमों की अनदेखी कर ये यात्री जनरल कोच की बजाय स्लीपर और एसी कोच में सफर कर रहे हैं, जिससे सीट को लेकर विवाद की स्थिति भी बन रही है। लेकिन अब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए रेलवे के वाणिज्य विभाग और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान एक माह तक लगातार चलाया जाएगा। इसके तहत रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सघन टिकट जांच की प्लानिंग तैयार की गई है। अभियान के लिए 10 टिकट निरीक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों की टीम गठित की गई है, जो नियमित रूप से कार्रवाई करेगी।
ये है एमएसटी का नियम
रेलवे नियमों के अनुसार एमएसटी धारक केवल अनारक्षित (जनरल) कोच में यात्रा के पात्र होते हैं, लेकिन सुविधा और आराम के लिए बड़ी संख्या में अप-डाउनर्स स्लीपर और एसी कोच में प्रवेश कर जाते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में एसी कोच में इनकी संख्या अधिक देखी जा रही है, जिससे नियमित आरक्षित यात्रियों को सीट पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि सबसे ज्यादा अनियमित यात्री रीवा-आनंद विहार दिल्ली सुपरफास्ट एवं महाकौशल एक्सप्रेस में बताए जाते हैं।
ये सेक्शन रडार में
जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत सतना-मैहर-कटनी एवं जबलपर स्टेशन तक तो वहीं सतना से मानकिपुर के बीच रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे टीम सुबह और शाम के समय इन रूटों पर विशेष निगरानी और जांच अभियान रेलवे चलाएगी।


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रीवा-मऊगंज की बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर भोपाल सख्त हुआ है। 26 अप्रैल को एसीएस और 27 अप्रैल को हेल्थ कमिश्नर औचक निरीक्षण करेंगे। विभाग में दवा खरीदी जांच को लेकर खलबली है।
रीवा संभाग में शिक्षा विभाग की 787 पेंशन और वेतन निर्धारण फाइलें लंबित हैं। 111 प्रकरण बिना कारण निरस्त किए गए। कर्मचारियों को महीनों से भुगतान और पेंशन के लिए भटकना पड़ रहा है।
पन्ना के मक्केपाला गांव में कुएं में तेंदुआ और बछड़ा साथ फंसे मिले। वन विभाग ने अनोखा रेस्क्यू कर दोनों को सुरक्षित निकाला। बछड़े और तेंदुए का शांत व्यवहार चर्चा में रहा।
सतना जिले में नरवाई जलाने से भीषण आग लगी। बरदहा गांव में कई घर जल गए, मवेशियों की मौत हुई। सभापुर में 1500 पेड़ जले, बिकरा में दमकल वाहन भी आग में घिरा।
प्रदेश में निगम-मंडल नियुक्तियां शुरू होते ही सतना में राजनीतिक हलचल तेज है। अब चित्रकूट विकास प्राधिकरण और विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पदों पर दावेदारों की नजरें टिक गई हैं।
प्रयागराज जंक्शन यार्ड रीमॉडलिंग के कारण 17 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। कई गाड़ियां प्रयागराज नहीं जाएंगी। समर सीजन में यात्रियों को टिकट, रूट और समय की परेशानी बढ़ेगी।
सतना-मैहर जिले के 41 गांव मलेरिया जोखिम क्षेत्र में चिन्हित हुए हैं। दवा छिड़काव के लिए भोपाल प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही अभियान शुरू होगा, अब तक 2026 में 11 केस मिले।
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