सीधी-सिंगरौली एनएच-39 पर बने 10 फीट गहरे गड्ढे में गाय गिर गई। ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित निकाला। 12 वर्षों से अधूरी सड़क परियोजना की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सीधी, स्टार समाचार वेब
सीधी-सिंगरौली को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-39 की बदहाली एक बार फिर सामने आ गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने और वर्षों से निर्माण कार्य चलने के बावजूद मुख्य मार्ग के बीचों-बीच लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया है, जिसमें मंगलवार देर रात एक गाय गिर गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई है।
क्या थी घटना
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 11 बजे सड़क किनारे जा रही एक गाय अचानक सड़क के नीचे धंस चुके हिस्से में गिर गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद से काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा अंदर से पूरी तरह खोखला हो चुका है और कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
यह राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। सिंगरौली, सीधी और रीवा के बीच आवागमन का प्रमुख साधन होने के कारण प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क के बीच बने इस विशाल गड्ढे ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
12 वर्षों से जारी निर्माण कार्य अभी भी अधूरा
गौरतलब है कि इस सड़क का निर्माण कार्य लगभग 12 वर्ष पहले शुरू हुआ था। उस समय करीब 468 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण की योजना बनाई गई थी, लेकिन एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। सितंबर 2025 में पुन: 569 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का नया टेंडर जारी किया गया, लेकिन आज भी कई हिस्सों में सड़क अधूरी और बदहाल स्थिति में है।
तीन बार हो चुका है भूमि पूजन
इस सड़क का अब तक तीन बार भूमिपूजन हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इसका भूमिपूजन कर चुके हैं। वहीं वर्ष 2025 में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और राज्य मंत्री राधा सिंह ने सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग को लेकर बीच सड़क पर बैठकर हवन-पूजन भी किया था। इसके बावजूद सड़क निर्माण की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों सवालों के घेरे में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा वाहन, बाइक सवार या अन्य राहगीर इस जानलेवा गड्ढे का शिकार हो सकता है। बुधवार दोपहर तक भी मौके पर किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी।
अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सामने आई खामियों को कब दूर किया जाएगा और यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब मिल पाएगी।
क्या कहा कलेक्टर ने
इस संबंध में जब सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी अभी तक नहीं थी। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि मामले की तत्काल जानकारी लेकर संबंधित विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाएगा तथा आवश्यक सुधार कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।


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