मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 650+ नवोदय विद्यालयों में EWS आरक्षण लागू न होने पर केंद्र से जवाब मांगा है। जानें क्या है 103वां संविधान संशोधन और पूरा मामला।
By: Ajay Tiwari
Mar 17, 20265:54 PM
जबलपुर। एजुकेशन डेस्क. स्टार समाचार डेस्क
देश के प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को प्रवेश में आरक्षण न मिलने का मामला अब कानूनी गलियारों में गर्मा गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का कड़ा निर्देश दिया है।
जबलपुर की छात्रा नव्या तिवारी की ओर से दायर इस याचिका में बताया गया है कि साल 2019 में हुए 103वें संविधान संशोधन के बाद भी नवोदय विद्यालयों की प्रवेश नीति में EWS वर्ग को जगह नहीं दी गई है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मंगलवार को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रतिवादियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
अधिवक्ता विकास मिश्रा के माध्यम से दायर इस याचिका में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और तार्किक सवाल उठाए गए हैं:
संवैधानिक उल्लंघन: संविधान के अनुच्छेद 15(6) के तहत शैक्षणिक संस्थानों में EWS के लिए 10% आरक्षण अनिवार्य है, जिसे नवोदय विद्यालय नजरअंदाज कर रहे हैं।
नीतिगत भेदभाव: केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय विद्यालयों (KV) में EWS कोटा लागू है, लेकिन उसी मंत्रालय के नवोदय विद्यालयों में यह सुविधा नहीं है।
वंचित वर्ग की अनदेखी: वर्तमान में SC, ST, OBC, ग्रामीण, बालिकाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण है, लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़े मेधावी छात्र इस व्यवस्था से बाहर हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आधार: याचिका में 'अथर्व चतुर्वेदी बनाम मध्य प्रदेश राज्य' (10 फरवरी 2026) के हालिया फैसले का भी संदर्भ दिया गया है।
"यह केवल एक छात्रा की लड़ाई नहीं है, बल्कि देशभर के उन लाखों मेधावी छात्रों के हक की बात है जो केवल गरीबी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।"
— विकास मिश्रा, अधिवक्ता
देशभर के 650 से ज्यादा नवोदय विद्यालयों में लगभग 2.9 लाख छात्र पढ़ते हैं। यदि हाईकोर्ट का फैसला याचिकाकर्ता के पक्ष में आता है, तो 2019 से अब तक के प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है। मामले की अगली सुनवाई अब अगले सप्ताह होनी तय है।